उत्तर प्रदेश: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देशवासियों को एक बड़े आर्थिक संकट के प्रति आगाह किया है। मंगलवार को उन्होंने दावा किया कि भारत जल्द ही एक भयंकर आर्थिक तूफान का सामना करने वाला है, जिसका सबसे बुरा असर उत्तर प्रदेश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा।
अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली और अमेठी के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी ने बछरावां में एक बारात घर (वेडिंग हॉल) का उद्घाटन किया। इसी दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दुनिया भर में चल रहे मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव का जिक्र किया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास के तनावपूर्ण हालात से दुनिया भर की आपूर्ति श्रृंखला बिगड़ने वाली है। उन्होंने जनता को सचेत करते हुए कहा कि आने वाला समय बहुत मुश्किल होने वाला है।
वैश्विक तनाव का हवाला देते हुए राहुल ने कहा कि होर्मुज वह रास्ता है जहां से दुनिया का अधिकांश तेल गुजरता है। उन्होंने आशंका जताई कि आपूर्ति बाधित होने से ईंधन की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, जिससे देश में पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों की भारी किल्लत हो सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह महीनों से इस आने वाले तूफान को लेकर चेतावनी दे रहे हैं, जिसके कारण महंगाई अपने चरम पर पहुंच जाएगी।
केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में आम आदमी को लगातार कमजोर किया गया है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने किसानों और मजदूरों के हक का पैसा छीनकर केवल दो अरबपतियों, अडानी और अंबानी को सौंप दिया है।
कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि इस आर्थिक संकट का असर देश के अमीरों पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अडानी और अंबानी जैसे लोग अपने महलों में पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे, जबकि इस भयंकर झटके का सीधा सामना भारत के आम नागरिकों को ही करना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि विपक्ष लगातार पीएम मोदी से मजदूरों की रक्षा करने की मांग करता है, लेकिन वह विदेश जाकर अडानी की मदद करने की बात करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने नोटबंदी और कोविड प्रबंधन की आलोचना करते हुए कहा कि नोटबंदी ने आम जनता की जेबें खाली कर दीं और कोरोना काल में मजदूरों और किसानों को हजारों किलोमीटर पैदल चलने पर मजबूर किया गया।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले राहुल गांधी ने रायबरेली की जनता के साथ अपने परिवार के 'दिल के रिश्ते' को एक बार फिर से याद किया। उन्होंने कहा कि उनका, प्रियंका का, उनकी मां, पिता और दादी का इस क्षेत्र के लोगों के साथ प्यार और भावनाओं का गहरा नाता है। उन्होंने स्थानीय निवासियों से उनकी शादियों में शामिल होने का वादा भी किया।
उन्होंने लोगों से राजनीतिक रूप से जागरूक होने की अपील करते हुए दावा किया कि जब तक सरकार नहीं बदलेगी, तब तक आम नागरिकों पर महंगाई और आर्थिक दबाव इसी तरह बना रहेगा।
दूसरी ओर, राहुल गांधी की इन टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल को सरकार के काम में बाधा डालने और जनता के बीच बेवजह डर फैलाने से बचना चाहिए।
वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि 2014 से पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार समाज के हर वर्ग की सेवा कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की नीतियों और पहलों के मूल केंद्र में हमेशा किसान, गरीब, महिलाएं, युवा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs) शामिल रहे हैं।
अपनी बात को आंकड़ों से पुष्ट करते हुए सीतारमण ने कांग्रेस नेता से सवाल किया कि क्या 58 करोड़ जनधन खाते, 57 करोड़ मुद्रा लोन और एक करोड़ स्वनिधि खाते अडानी या अंबानी के लिए खोले गए हैं।
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