नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं पूर्व सांसद मायावती ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। लखनऊ स्थित बसपा केंद्रीय कैंप कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर बसपा पंजाब में भी किसी से कोई समझौता या गठबंधन किए बिना अपने दम पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी।
पार्टी के वरिष्ठ और जिम्मेदार पदाधिकारियों के साथ पंजाब में संगठन विस्तार और जनाधार बढ़ाने के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए बसपा प्रमुख ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए केवल कर्मठ, निष्ठावान और ईमानदार प्रत्याशियों को ही मैदान में उतारने के निर्देश दिए।
चुनावी गठबंधन से दूरी बनाने की मुख्य वजह बताते हुए मायावती ने कहा कि अतीत में गठबंधनों के कारण सीटों और वोट प्रतिशत दोनों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे कार्यकर्ताओं के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने पार्टी कैडर को विरोधियों के साम, दाम, दंड और भेद जैसे सभी हथकंडों का डटकर मुकाबला करते हुए बेहतर चुनावी परिणामों के लिए पूरी तैयारी में जुटे रहने का आह्वान किया।
बसपा प्रमुख ने पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन दलों के जनविरोधी रवैये से त्रस्त राज्य की जनता को 'सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय' की नीतियों के माध्यम से ही गरीबी व बेरोजगारी से मुक्ति और स्वाभिमान का जीवन मिल सकता है। उन्होंने इसे संत शिरोमणि गुरु रविदास, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए दिए गए पुराने निर्देशों के फीडबैक के आधार पर मायावती ने कमियों को समय रहते दूर करने के नए निर्देश जारी किए। उन्होंने पंजाब में 9 अक्टूबर को दिवंगत कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को पिछले वर्ष के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी तैयारी के साथ सफल बनाने को कहा।
इसके साथ ही, 15 जनवरी 2027 को मनाए जाने वाले 'जनकल्याणकारी दिवस' के अवसर पर बसपा की पंजाब राज्य इकाई को पार्टी के लिए वित्तीय सहयोग को पहले से अधिक बेहतर करने के निर्देश दिए गए, ताकि अंबेडकरवादी आंदोलन और कारवां को निरंतर आगे बढ़ाया जा सके।
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