‘झारखंड की आत्मा चली गई’ — Hemant Soren का Shibu Soren को आखिरी सलाम पढ़कर हर आंख नम हो जाएगी

हेमंत सोरेन ने दिवंगत पिता शिबू सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा— 'बाबा नहीं रहे, झारखंड की आत्मा चली गई'
सीएम हेमंत और शिबू सोरेन
सीएम हेमंत और शिबू सोरेन
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रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने दिवंगत पिता शिबू सोरेन से जुड़ी भावनाओं को सोशल मीडिया पर साझा किया है।

मंगलवार सुबह उन्होंने एक्स हैंडल और फेसबुक पर मार्मिक पोस्ट में लिखा, “मैं अपने जीवन के सबसे कठिन दिनों से गुज़र रहा हूं। मेरे सिर से सिर्फ पिता का साया नहीं गया, झारखंड की आत्मा का स्तंभ चला गया। मैं उन्हें सिर्फ ‘बाबा’ नहीं कहता था; वे मेरे पथप्रदर्शक थे, मेरे विचारों की जड़ें थे, और उस जंगल जैसी छाया थे जिसने हजारों-लाखों झारखंडियों को धूप और अन्याय से बचाया।”

उन्होंने आगे लिखा कि गुरुजी सिर्फ उनके ‘बाबा’ नहीं थे, बल्कि उनके जीवन के सबसे बड़े शिक्षक, प्रेरक और संघर्ष की मिसाल थे। उन्होंने बचपन के संस्मरण साझा करते हुए कहा, “मैंने उन्हें देखा है हल चलाते हुए, लोगों के बीच बैठते हुए, सिर्फ भाषण नहीं देते थे, लोगों का दुःख जीते थे। बचपन में जब मैं उनसे पूछता था- बाबा, आपको लोग दिशोम गुरु क्यों कहते हैं? तो वे मुस्कुराकर कहते- क्योंकि बेटा, मैंने सिर्फ उनका दुख समझा और उनकी लड़ाई अपनी बना ली। वो उपाधि न किसी किताब में लिखी गई थी, न संसद ने दी—झारखंड की जनता के दिलों से निकली थी।”

मुख्यमंत्री ने लिखा, “बचपन से ही मैं उन्हें जनजातीय समाज, गरीब, वंचित और शोषितों की आवाज़ उठाते देखता रहा हूं। उन्होंने अपने संघर्ष से झारखंड राज्य का सपना साकार किया। लेकिन सत्ता उनके लिए कभी लक्ष्य नहीं रही, बल्कि वह जनसेवा के माध्यम भर थी।”

शिबू सोरेन की जीवन सादगी, नैतिकता और संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने लिखा, “मैंने उनसे सीखा कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहा जाता है। उन्होंने कभी हार नहीं मानी, कभी झुके नहीं। वे झारखंड की आत्मा थे, और रहेंगे।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने लिखा, “मैं, आपका बेटा, आपका वचन निभाऊंगा। झारखंड आपका कर्ज़दार रहेगा।”

झारखंड आंदोलन के सबसे बड़े नायक 81 वर्षीय शिबू सोरेन का निधन सोमवार को नई दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया था। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को अपराह्न 12 बजे के बाद उनके पैतृक गांव रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में होगा। मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र बसंत सोरेन देंगे। अंत्येष्टि में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित देश के कई प्रमुख नेता शामिल होंगे।

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