MP: मुस्लिम किशोर पर शोभायात्रा पर थूकने का आरोप, घर पर चला बुलडोज़र, 151 दिन बाद ज़मानत, गवाह का पुलिस के दावे से इनकार

जिला प्रशासन ने मुस्लिम युवक के घर को अवैध करार देते हुए उसके मकान का अवैध हिस्सा बुल्डोजर से गिरा दिया गया। मामला कोर्ट पहुंचा तो शिकायकर्ता और गवाह दोनों पलट गये।
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीरफोटो साभार- इंटरनेट

मध्य प्रदेश। उज्जैन जिले में जुलाई माह में महाकाल शोभा यात्रा के पर मुस्लिम युवक द्वारा थूकने का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में पुलिस ने आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। इस मामले में जिला प्रशासन ने मुस्लिम युवक के घर को अवैध करार देते हुए नोटिस जारी की। इसके बाद उसके मकान का अवैध हिस्सा बुल्डोजर से गिरा दिया गया। मामला कोर्ट पहुंचा तो शिकायकर्ता और गवाह दोनों पलट गये। जेल में 151 दिन तक कैद में रहने के बाद कोर्ट ने रिहा कर दिया है। अब यह मामला सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

उज्जैन जिले में 17 जुलाई 2023 को महाकाल की शोभायात्रा निकली हुई थी। इस दौरान शोभायात्रा टंकी चौराहे के पास से गुज़र रही थी। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के तीन लोग पानी की बोतल लिये हुए बिल्डिंग के छज्जे पर खड़े हुए थे। इस घटना का वीडियो यह कहते हुए वायरल किया गया कि मुस्लिम समुदाय के युवकों ने उज्जैन महाकाल की शोभायात्रा पर थूका। वीडियो वायरल होते ही हड़कम्प मच गया।

उज्जैन जिले की खारा कुआं थाने की पुलिस ने मामले में सावन लोट नाम के व्यक्ति की तहरीर पर दो नाबालिग सहित एक अन्य युवक के खिलाफ आईपीसी की धारा 295 ए, 153 ए, 296 और 505 यानी धार्मिक भावनाएं आहत करने और दंगे भड़काने की कोशिश में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस की पूछताछ में लड़कों ने सफाई दी थी कि वो सिर्फ पानी पी रहे थे। बहरहाल, दो नाबालिग लड़कों को जुवेनाइल होम भेजा गया और तीसरे - अदनान मंसूरी को, ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया था। इसके साथ ही परिवार के घर की मापी कराकर उनके घर के कुछ हिस्से को अवैध करार दिया गया। जिसके बाद डुगडुगी बजाते हुए उस मकान पर बुल्डोजर चला दिया गया। पूरा मामला कोर्ट पहुंच गया।

कोर्ट में पेशी के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवकों पर लगे आरोप की पुष्टि के लिए एक वीडियो भी पेश किया गया। जिसमें कुछ मुस्लिम युवक पानी की बोतल के साथ छत पर नज़र आए थे। हालांकि किसी भी वीडियो में ‘थूकने’ के विजुअल्स नहीं थे।

सबूतों के अभाव में हाईकोर्ट ने दी जमानत

16 जनवरी 2024 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने इस केस में अदनान मंसूरी को ज़मानत दे दी। क्योंकि मुख्य शिकायतकर्ता सावन लोट ने कोर्ट में कहा कि उसने शोभायात्रा पर थूकने जैसी कोई हरकत देखी ही नहीं थी। उसने यह भी कहा है कि उसने पुलिस के दबाव में बयान पर सिग्नेचर किए थे। अदनान को मिली बेल के कोर्ट ऑर्डर में इस बात का ज़िक्र भी है कि सावन लोट ट्रायल कोर्ट में होस्टाइल हो गए (बयान से पलट गये) और उन्होंने प्रॉसिक्यूशन (अभियोजन) के केस का समर्थन नहीं किया।

इस केस में गवाह बने अजय खत्री नामक युवक ने भी यही किया। दोनों कोर्ट में अपनी बात से मुकर गए। दोनों ने ही कोर्ट में कहा कि ना तो उन्होंने आरोपियों को शोभायात्रा पर थूकते हुए देखा था, ना ही आरोपियों की पहचान की थी। दोनों ने कोर्ट में लिखित स्टेटमेंट दिया कि उन्होंने पुलिस के कहने पर अपने बयान पर साइन किए थे, जबकि उनके बयान से मेल नहीं खा रही थी। दोनों के मुकर जाने के बाद जस्टिस अनिल वर्मा ने अदनान मंसूरी को बेल दे दी।

अदनान मंसूरी के वकील ने बताया था कि पुलिस कोर्ट में कोई मज़बूत वीडियो एविडेंस नहीं प्रोड्यूस कर पाई। जो एक वीडियो पेश किया गया, उसमें एक नाबालिग लड़का छत पर हाथ में पानी की बोतल थामे नज़र आता है। पुलिस ने हाई कोर्ट में वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत करने का दावा किया लेकिन पुलिस ऐसा करने में नाकाम रही।बहरहाल,अदनान मंसूरी को 151 दिन बाद बेल मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें 75 हज़ार के पर्सनल बॉन्ड पर जमानत दी है।

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