सिल्क्यारा टनल में फिर हादसा: कंक्रीट का स्लैब गिरने से 22 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत, उच्चस्तरीय जांच के आदेश

उत्तराखंड की निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल में एक बार फिर सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। कंक्रीट का स्लैब गिरने से झारखंड के 22 वर्षीय मजदूर की जान चली गई, जिसके बाद सीएम धामी ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
Silkyara Tunnel Accident Uttarkashi
उत्तराखंड की निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल में कंक्रीट स्लैब गिरने से 22 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत। सीएम धामी ने दिए विस्तृत जांच के आदेश।
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देहरादून/उत्तरकाशी: उत्तराखंड की निर्माणाधीन 4.5 किलोमीटर लंबी सिल्क्यारा-बड़कोट सुरंग में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार तड़के करीब 2 बजे सुरंग के अंदर कंक्रीट का एक भारी स्लैब गिरने से झारखंड के रहने वाले 22 वर्षीय एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना ने कार्यस्थल पर मौजूद सुरक्षा खामियों को फिर से उजागर कर दिया है।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने तुरंत प्रभाव से सुरंग के सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानक संचालन प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के साथ इस पूरी घटना की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के लिए मजदूरों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को सुरंग स्थल पर राहत उपायों, बचाव प्रतिक्रिया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत मूल्यांकन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही निर्माण कार्य के दौरान वर्तमान में अपनाई जा रही सुरक्षा जांचों की भी कड़ी निगरानी करने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की लापरवाही से बचा जा सके।

समीक्षा बैठक के दौरान, आपदा प्रबंधन सचिव ने हादसे के कारणों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की। उन्होंने घटना के हर पहलू की गहन जांच के सख्त आदेश दिए हैं। भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए परियोजना के सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का दोबारा मूल्यांकन करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।

यह पहली बार नहीं है जब यह सुरंग चर्चा में है। गौरतलब है कि नवंबर 2023 में इसी टनल में एक बड़ा हादसा हुआ था। तब सुरंग का एक हिस्सा ढहने के कारण 41 मजदूर 17 दिनों तक अंदर फंसे रहे थे। उस समय विदेशी बचाव दल की मदद से एक लंबे और जटिल अभियान के बाद उन सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका था।

नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (NECL) के प्रोजेक्ट जनरल मैनेजर रविकांत सिंह ने इस ताज़ा घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बड़कोट छोर की ओपनिंग से 710 मीटर आरडी (रनिंग डिस्टेंस) के निशान पर सुरंग की छत से शॉट्रीट (सीमेंट स्लैब) का एक छोटा हिस्सा टूटकर गिर गया। इस हादसे में मजदूर के सिर में गंभीर चोट आई और उसने दम तोड़ दिया।

रविकांत सिंह के अनुसार, घटना के वक्त सुरंग के अंदर लगभग 60 अन्य मजदूर भी मौजूद थे, जो सभी सुरक्षित हैं। बता दें कि NECL सिल्क्यारा-बड़कोट सुरंग परियोजना में शामिल प्राथमिक निर्माण कंपनी है। वहीं, टनल प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीराम ने बताया कि ड्यूटी के दौरान नरेश गंजू नामक इस मजदूर पर कंक्रीट की लाइनिंग से स्लैब आ गिरा, जिससे दुर्भाग्यवश उनकी जान चली गई।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए आपदा प्रबंधन सचिव सुमन ने अधिकारियों को मृतक के परिवार को बिना किसी देरी के वैधानिक मुआवजा देने को कहा है। साथ ही मजदूर के शव को पूरे सम्मान के साथ उसके पैतृक स्थान तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उधर, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने भी दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच बिठा दी है।

जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। इस बीच, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) ने भी अपने स्तर पर एक विस्तृत जांच शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, इस घटना के बाद साइट पर मौजूद मजदूरों में भारी रोष है। टनल परियोजना में काम करने वाले एक मजदूर अवधेश कुमार ने दावा किया है कि उन्हें काम के दौरान कोई भी सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराया गया था।

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