MP अजाक्स में घमासान! RSS के पदाधिकारियों के दखल का आरोप, मोहन भागवत को लिखी चिट्ठी

कंसोटिया गुट ने संघ हस्तक्षेप के लगाए आरोप, मौर्य गुट का पलटवार- संपत्ति हड़पने की साजिश का दावा, FIR की तैयारी!
MP अजाक्स में घमासान! RSS के पदाधिकारियों के दखल का आरोप, मोहन भागवत को लिखी चिट्ठी
Published on

भोपाल। मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) में चल रही वर्चस्व की लड़ाई अब गंभीर राजनीतिक रूप लेती जा रही है। संगठन के भीतर का यह विवाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है। पूर्व अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया समर्थक गुट ने मोहन भागवत को लिखित शिकायत भेजकर संघ से जुड़े पदाधिकारियों पर संगठन के कामकाज में हस्तक्षेप करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

शिकायत में अजाक्स के संगठन महामंत्री गौतम पाटिल ने आरोप लगाया है कि संघ से जुड़े कुछ लोग संगठन की स्वायत्तता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। विशेष रूप से सुरेन्द्र मिश्रा और मुकेश मौर्य का नाम लेते हुए कहा गया है कि ये लोग मिलकर संगठन पर अनधिकृत नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं। आरोप यह भी है कि बाहरी प्रभाव के जरिए संगठन की मूल संरचना और उद्देश्य को कमजोर किया जा रहा है।

भवन पर कब्जा करने का आरोप

इसी विवाद के बीच एक और बड़ा मुद्दा सामने आया है, जिसमें मुकेश मौर्य द्वारा अजाक्स भवन पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। कंसोटिया समर्थक गुट का कहना है कि इस मामले में जल्द ही पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की शिकायत की जाएगी। संगठन के भीतर इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है।

सदस्यता और गबन के गंभीर आरोप

गौतम पाटिल की ओर से की गई शिकायत में मुकेश मौर्य पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया गया है कि अजाक्स में केवल शासकीय अधिकारी और कर्मचारी ही सदस्य बन सकते हैं, जबकि मौर्य एक निजी संस्थान में कार्यरत हैं, जो नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा उन पर करीब 17.95 लाख रुपये की सदस्यता राशि के गबन का आरोप भी लगाया गया है। आरोप है कि लगभग 12.95 लाख रुपये स्थानीय स्तर पर रसीद काटकर एकत्र किए गए, लेकिन न तो यह राशि बैंक में जमा की गई और न ही इसका कोई लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। इन आरोपों के आधार पर जुलाई 2023 में उन्हें प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किए जाने की बात भी सामने आई है।

फर्जी कार्यकारिणी और पंजीयन का आरोप

शिकायत में यह भी कहा गया है कि 29 और 30 जुलाई 2023 को कथित बैठकों के आधार पर एक फर्जी कार्यकारिणी बनाई गई और उसे भोपाल में पंजीयन के लिए प्रस्तुत किया गया। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में कुछ शासकीय अधिकारियों की मिलीभगत रही और एक गैर-शासकीय व्यक्ति को प्रांताध्यक्ष बनाने की कोशिश की गई, जो संगठन के नियमों के खिलाफ है। इस घटनाक्रम को अजाक्स की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है।

मौर्य गुट का पलटवार- संपत्ति हड़पने का आरोप

दूसरी ओर, मुकेश मौर्य ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कंसोटिया, एसएल सूर्यवंशी और गौतम पाटिल पर पलटवार किया है। मौर्य का कहना है कि ये लोग ट्रस्ट बनाकर अजाक्स की संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रांताध्यक्ष बनने के बाद ही विवाद को जानबूझकर हवा दी गई है।

मौर्य ने यह भी कहा कि वे कंसोटिया को संरक्षक बनाने के लिए तैयार थे, लेकिन इसके बावजूद संगठन को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि बुधवार को वे अपने विरोधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अजाक्स कार्यालय को घेरकर रखा गया है और बिना अधिकार के कब्जा करने की कोशिश हो रही है।

सामाजिक कार्यक्रमों को लेकर भी विवाद

मौर्य ने सुरेन्द्र मिश्रा का बचाव करते हुए कहा कि ग्वालियर में रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के चलते कार्यालय भवन उन्हें सौंपा गया था, जिस पर अब विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे वर्षों से सामाजिक समरसता के लिए काम कर रहे हैं और सभी वर्गों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे कार्यक्रमों को लेकर विरोध करना उचित नहीं है।

अजाक्स प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है और इसे अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की एक प्रभावशाली संस्था माना जाता है। ऐसे में संगठन के भीतर का यह विवाद न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी असर डाल सकता है।

MP अजाक्स में घमासान! RSS के पदाधिकारियों के दखल का आरोप, मोहन भागवत को लिखी चिट्ठी
अमेठी: अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर भड़के ग्रामीण, पथराव में 4 पुलिसकर्मी घायल
MP अजाक्स में घमासान! RSS के पदाधिकारियों के दखल का आरोप, मोहन भागवत को लिखी चिट्ठी
MP श्योपुर में 2.57 करोड़ का बाढ़ राहत घोटाला! तहसीलदार अमिता सिंह तोमर गिरफ्तार, फर्जी खातों में बांटी गई रकम
MP अजाक्स में घमासान! RSS के पदाधिकारियों के दखल का आरोप, मोहन भागवत को लिखी चिट्ठी
अमेठी: अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर भड़के ग्रामीण, पथराव में 4 पुलिसकर्मी घायल

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक की मदद करें

‘द मूकनायक’ जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है. अगर आप भी चाहते हैं कि ‘द मूकनायक’ हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहे तो सपोर्ट करें.

यहां सपोर्ट करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com