दिल्ली-एनसीआर के सीवर में दम तोड़ती जिंदगियां... एक हफ्ते में चार की मौत

एनसीआर के नालों में दम तोड़ने वालों की संख्या में इजाफा होने का सिलसिला लगातार जारी, बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर की सफाई करने उतरे थे सफाईकर्मी.
सीवर हादसे के दौरान की तस्वीर. (फाइल फोटो)
सीवर हादसे के दौरान की तस्वीर. (फाइल फोटो)तस्वीर- द मूकनायक

दिल्ली-एनसीआर के नालों में दम तोड़ने वालों की संख्या में इजाफा होने का सिलसिला लगातार जारी है. 35 साल के नूर इस्लाम को कॉन्ट्रैक्टर ने गुरुग्राम में सीवर लाइन की सफाई के लिए बुलाया था, सीवर में उतरने के बाद नूर इस्लाम की हालत बेहद खराब हो गई थी, जिसके चलते उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. पिछले एक हफ्ते में सीवर की सफाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर में चार लोगों की मौत हुई है. ये सभी लोग बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर की सफाई करने उतरे थे.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते सोमवार (24 जून 2024) को नोएडा स्थित एक आईटी कंपनी में ओवफ्लो हो रहे सीवर लाइन की सफाई के लिए वॉटर टैंक में उतरे तीन हाउसकीपिंग वर्कर्स की मौत हो गई थी, ये सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट आईटी कंपनी के बेसमेंट में ही स्थित था.

नूर इस्लाम की पत्नी मौसमी का आरोप है कि कॉन्ट्रैक्टर मुकीम अली ने तीनों सफाईकर्मियों को कोई भी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया. मौसमी ने मुकीम अली के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. मौसमी की शिकायत पर, मुकीम के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 304A (जल्दबाजी या लापरवाही के कारण मृत्यु का कारण बनना) और मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में रोज़गार का निषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के सेक्शन 9 (सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई के लिए श्रमिकों को नियुक्त करने पर जुर्माना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस के मुताबिक नूर इस्लाम को बचाने के लिए सीवर में उतरे अनरूल और चंदन दास की भी तबीयत खराब हो गई थी, मौके पर मौजूद अन्य लोगों द्वारा तीनों को पास के पार्क अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान ही नूर इस्लाम की मौत हो गई जबकि अनरूल और चंदन दास खतरे से बाहर हैं. गुरुग्राम सदर अस्पताल के इंस्पेक्टर अर्जुन देव ने कहा कि सीवर लाइन में उतरने की वजह से तीनों सफाईकर्मी जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे.

नूर इस्लाम की पत्नी मौसमी का आरोप है कि कॉन्ट्रैक्टर मुकीम अली ने तीनों सफाईकर्मियों को कोई भी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया. मौसमी ने मुकीम अली के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. मौसमी की शिकायत पर, मुकीम के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 304A (जल्दबाजी या लापरवाही के कारण मृत्यु का कारण बनना) और मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में रोज़गार का निषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के सेक्शन 9 (सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई के लिए श्रमिकों को नियुक्त करने पर जुर्माना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि 'सीवर लाइन गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत आती है, लेकिन नूर इस्लाम की पत्नी मौसमी को नहीं पता कि वह किस एजेंसी के लिए काम करता था. मुकीम अली एक प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर था. पुलिस उसका पता लगाने की कोशिश कर रही है.' दूसरी ओर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ गुरुग्राम (MCG) और गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सीवर की सफाई के लिए किसी भी सफाईकर्मी को काम पर नहीं रखा है.

गुरुग्राम में पिछले एक साल में सीवर की सफाई में हुई यह तीसरी मौत है. झज्जर के 35 वर्षीय पारिजात, यूपी के बलिया के 46 वर्षीय राजकुमार की 27 नवंबर 2023 को सेक्टर 92 में रहेजा नवोदय कॉन्डोमिनियम स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में 15 फीट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई करते हुए मौत हो गई थी. दोनों पीड़ित एक प्राइवेट एजेंसी के लिए काम करते थे.

नूर के परिवार में उसकी पत्नी और दो स्कूल जाने वाली बेटियां हैं, जिनमें एक की उम्र 14 साल और दूसरे की उम्र 10 साल है. मौसमी घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती है. मौसमी ने कहा कि रात के 10.45 बजे मुझे नूर की मौत की खबर मिली, जब तक मैं अस्पताल पहुंचती, उसका शरीर सफेद कपड़े में लपेटा जा चुका था. नूर के साले रफीक ने कहा कि 'मुकीम अली ने नूर की मौत की सूचना उसके परिवार को भी नहीं दी. जब तक मैं अस्पताल पहुंचा वह चला गया था.'

सीवर हादसे के दौरान की तस्वीर. (फाइल फोटो)
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