
नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन इलाके में स्थित एक गहरे नाले की सफाई के दौरान एक युवा सफाईकर्मी राहुल की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना 30 मार्च 2026 की दोपहर करीब 2:00 बजे की है। डीयर पार्क के पास क्यू-पॉकेट नाला पुलिया पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के नाले की सफाई कर रहे राहुल का पैर अचानक फिसल गया और वह गहरे नाले में जा गिरा।
इस मामले में दिल्ली के सीमापुरी पुलिस थाने में 30 मार्च को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत एफआईआर (0186) दर्ज की गई है। मृतक के सहकर्मी और शिकायतकर्ता कैप्टन ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया है कि ठेकेदार अजीत और सुपरवाइजर अनवर अहमद ने उन्हें काम के लिए कोई भी सेफ्टी उपकरण नहीं दिया था।
दोनों मजदूरों को इस जोखिम भरे काम के एवज में प्रतिदिन महज 350 रुपये दिए जाते थे। राहुल को नाले से निकालकर जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा है। मृतक के भांजे राहुल चौहान ने द मूकनायक को बताया कि, उनका मामा परिवार का इकलौता सहारा था। मृतक की बूढ़ी मां महज 4x8 की एक छोटी सी तिरपाल की झुग्गी में रहती है और पूरी तरह से अपने बेटे की दिहाड़ी पर निर्भर थी। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए एक करोड़ रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की सख्त मांग की है।
कानूनी मोर्चे पर भी पीड़ित परिवार उचित न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। परिवार के वकील सचिन ढींगिया ने द मूकनायक से बताया कि, पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज किया है, लेकिन वे इस घटना में 'मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट' और 'एससी/एसटी एक्ट' के तहत मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं।
वकील का मानना है कि इन धाराओं के जुड़ने से पीड़ित परिवार को कानूनी रूप से बेहतर मुआवजा और पुनर्वास मिल सकेगा। इस गंभीर मामले को उनके द्वारा एससी कमीशन (अनुसूचित जाति आयोग) के संज्ञान में भी भेजा जा रहा है ताकि पुलिस प्रशासन पर उचित कार्रवाई का दबाव बन सके।
इस दुखद घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ा दी है। आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार और वीर सिंह धींगान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। 'आप' नेताओं ने दिल्ली में काबिज भाजपा प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इस घटना को 'हत्या' करार दिया है।
हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक बयानों में जहरीली गैस से मौत का दावा किया जा रहा है, जबकि पुलिस में दर्ज आधिकारिक एफआईआर के अनुसार युवक की मौत सुरक्षा उपकरणों के अभाव में पैर फिसलने और डूबने के कारण हुई है।
फिलहाल, इन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों के बीच एक बेबस और गरीब परिवार अपने खोए हुए बेटे के लिए न्याय का इंतजार कर रहा है।
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