राजस्थान: किसानों की तैयार फसल में लगाई आग, चेतावनी के रूप में छोड़ा ये पत्र

घटनास्थल पर जेवर व औरत की मांग वाला चेतावनी भरा पर्चा मिला, पुलिस जांच में जुटी.
जलते हुए फसल
जलते हुए फसल

जयपुर। राजस्थान के कोटा जिले में असामाजिक तत्वों ने दो किसानों की धनिया व चने की फसल को जला कर नष्ट कर दिया। घटना बीती बुधवार रात की है। फसल जलने से दोनों किसानों को लाखों रुपए की क्षति हुई है। खास बात यह है घटना को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों ने घटना स्थल पर कम्प्यूटर से टाइपसुदा एक पत्र भी छोड़ा है। जिसमे आगे भी इसी तरह नुकसान उठाने की चेतावनी दी गई है।

पुलिस के अनुसार कोटा जिले के रामगंजमंडी में बिशनियाखेड़ी गांव के किसान कंवरलाल मेघवाल के खेत में लगभग 30 बोरी धनिए की फसल की ढेरी लगी थी। किसान केशवराम धाकड़ के खेत में एक बीघा भूमि में चने की फसल थी।

बुधवार रात अज्ञात व्यक्ति ने दोनों किसानों की फसल में आग लगा दी। देर रात खेतों में आग की लपटें उठती देख ग्रामीण खेतों की तरफ दौड़ कर गए। जहां कंवरलाल मेघवाल व केशवराम धाकड़ की फसल धू-धू कर जल रही थी। किसानों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में अग्निशमन वाहन को बुलाया गया। अग्निशमन कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। तब तक फसल राख के ढ़ेर में बदल चुकी थी।

फसल जलाने के बाद घटना स्थल पर छोड़ा गया पर्चा
फसल जलाने के बाद घटना स्थल पर छोड़ा गया पर्चा

घटना स्थल पर मिला पर्चा

आपको बता दे कि आग पर काबू पाने के बाद ग्रामीणों ने आस पास घूम कर देखा तो मौके पर एक टाइपसुदा पर्चा मिला। इस पर्चे में लिखा था — "ग्राम रावली, पिंटू पिता नन्दकिशोर बैरागी के यहां हमारी औरत और हमारा लड़का है जो इसका फैसला करेगा। 1.5 किलो चांदी और 4 तोला सोना है, जिसके 10 लाख रुपये बनते हैं। जल्दी से जल्दी करें नहीं तो आप बहुत नुकसान पाओगे।" यह पर्चा मिलने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।

फसल जलने के बाद सड़क पर बैठे किसान
फसल जलने के बाद सड़क पर बैठे किसान

गुस्साए किसानों ने मारुति नगर चौराहे पर जाम लगा दिया। जाम को सूचना पर रामगंज मंडी पुलिस थानाधिकारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों ने कहा कि "यहां चेतावनी के साथ किसानों की फसल जलाई जा रही है। ऐसे में आरोपियों की पहचान कर उन्हें अविलम्ब गिरफ्तार किया जाए। जब तक फसल जलाने के आरोपी जकड़े नहीं जाते सड़क पर बैठे रहेंगे।" थानाधिकारी के 24 घण्टे में आरोपियों की गिरफ्तारी के अश्वाशन के बाद किसान सड़क से हट गए।

लोगों को समझाते पुलिस अधिकारी
लोगों को समझाते पुलिस अधिकारी

क्षेत्र में इस तरह की चौथी घटना

किसानों ने बताया कि पिछले दो महीने में इस तरह की यह चौथी घटना है। असामाजिक तत्वों द्वारा आगजनी की घटना को अंजाम देने के बाद इसी तरह चेतावनी भरी चिट्ठी छोड़ी जाती है।

इससे पूर्व क्षेत्र के किशोरपुरा गांव में 10 बीघा की फसल को जलाकर नष्ट किया गया था। यहां भी घटना स्थल के पास ऐसी ही एक चेतावनी भरी चिट्ठी मिली थी।

मंडली गांव में एक कुएं के ऊपर रखे डीजल इंजन को भी असामाजिक तत्वों ने कुंए के अंदर धकेलने के बाद इसी तरह की चिट्ठी लिखी थी। उक्त घटनाओं के बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से आरोपी फिर से इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर किसानों को क्षति पहुंचा रहे हैं।

किसान कंवरलाल मेघवाल ने कहा कि, उसके खेत में लगभग 30 बोरी धनिये की फसल की ढेरी लगी थी। उसके पड़ोसी किसान केशवराम के एक बीघा में चने की फसल थी। दोनों फसल जलने से उन्हें लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यह कौन लोग हैं, ऐसा क्यों कर रहे हैं? वह कुछ नहीं जानता है। किसी औरत व लड़के की उसे कोई जानकारी नहीं है।

यह बोले पुलिस अधिकारी

रामगंजमंडी पुलिस थानाधिकारी मनोज कुमार ने द मूकनायक को बताया कि "यह सच है कि असामाजिक तत्वों ने दो किसानों की फसल को जला दिया है। इससे पूर्व भी क्षेत्र में इस तरह की घटना हुई है। उस सम्बन्ध पुलिस जांच कर रही है। इंस्पेक्टर मनोज कुमार कहते हैं कि इस घटना के बाद बुधवार रात एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस अपने सोर्सेज व तकनीकी मदद से भी घटना की जांच कर रही है। पर्चे में जो चेतावनी लिखी है इसको लेकर भी ऐसे लोगों की छानबीन कर पूछताछ की जाएगी।"

जलते हुए फसल
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