मध्य प्रदेशः कारम डेम को टूटे हुए एक साल, आदिवासी परिवारों को अब तक नहीं मिला मुआवजा!

पिछले साल अगस्त के महीने में इस डैम में दरारें पड़ गई थीं, बांध के निचले इलाके के करीब 15 गांव में पानी घुस गया था। लोगों ने उस वक्त जमीन छोड़ दी थी।
सरकार ने क्षेत्र के प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं दिया है, जबकि बाढ़ के दौरान यहां आए मंत्रियों ने मुआवजा दिए जाने का ऐलान किया था।
सरकार ने क्षेत्र के प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं दिया है, जबकि बाढ़ के दौरान यहां आए मंत्रियों ने मुआवजा दिए जाने का ऐलान किया था।

भोपाल। धार जिले के कारम डेम के डूब क्षेत्र में आए करीब 15 गाँव के लोगों को आज तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। डैम के पानी के बहाव के कारण खेतों की मिट्टी तक वह गई। हजारों बीघा भूमि जो उपजाऊ हुआ करती थी, वह भूमि पर्याप्त पानी होने बाद भी बंजर हो चुकी है। पिछले साल अगस्त के महीने में इस डैम में दरारें पड़ गई थीं, बांध के निचले इलाके के करीब 15 गांव में पानी घुस गया था। लोगों ने उस वक्त जमीन छोड़ दी थी।

मध्य प्रदेश के धार जिले की धरमपुरी विधानसभा के क्षेत्र में आने वाला कारम डेम पिछले साल टूट गया था, जिससे लगभग 100 से 150 गांव डूब की जद में आ गए थे। डैमेज कंट्रोल के लिए सरकार ने यहां उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और धार जिले के प्रभारी मंत्री डॉक्टर प्रभु राम चौधरी को भेजा था, लगभग 2 रात मंत्रीगण यहीं मौके पर ही रुके थे। डेम को साइड से फोड़ा गया था। उसके बाद 15 अगस्त 2020 को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम ने यहां ध्वजारोहण कर ग्रामीणों और आस-पास के लोगों को लेकर कई वादे किए थे।

कारम डेम के भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सरकार के तीन मंत्रियों पर किए गए वादों से मुकर जाने के आरोप लगाए हैं। पिछले साल 16 अगस्त को कारम डेम टूटा था।

विधायक मेड़ा ने द मूकनायक से बातचीत में सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा एक साल बाद भी यहां स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल नहीं हुई हैं। कई विद्यार्थी शिक्षा से वंचित हैं। आस-पास के ग्रामीणों को आज तक कोई आर्थिक राहत नहीं दी है। विधायक मेडा ने सरकार से सवाल करते हुए कहा- यह डैम 100 करोड़ से भी अधिक राशि का बना है, यहां गंभीर भ्रष्टाचार हुआ है। आखिर यह क्यों फूटा?

विधायक ने बताया कि सरकार ने क्षेत्र के प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं दिया है, जबकि बाढ़ के दौरान यहां आए मंत्रियों ने मुआवजा दिए जाने का ऐलान किया था। इसके साथ सरकार पर विधायक ने अधिकारियों को बचाने के आरोप लगाएं हैं। मेडा ने सवाल उठाया है कि सरकार ने अपना भ्रष्टाचार छुपाने के लिए विभाग के अधिकारी और ठेकेदारों को क्लीन चीट कैसे दे दी? अब तक उन पर कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं हुई।

इस साल भी सितंबर के महीने में तेज बारिश के कारण कारम डेम से सटे गाँव पानी में डूब गए है।
इस साल भी सितंबर के महीने में तेज बारिश के कारण कारम डेम से सटे गाँव पानी में डूब गए है।

इन गांवों के लोगों को मुआवजे का इंतजार

धार जिले के धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र कोटिडा, बैसाको, लालगढ़, उटाओली, बांदाखोड सहित करीब 15 गाँव के आदिवासी परिवारों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। इसके अलावा कुछ लोगों को मिला भी है। तो सिर्फ दो से ढाई हजार रुपए का मुआवजा मिला है, जो कि नुकसान का कई गुना कम है।

इस साल भी सितंबर के महीने में तेज बारिश के कारण कारम डेम से सटे गाँव पानी में डूब गए है। डेम के क्षेत्र के आस-पास के करीब आठ गाँव में पानी घुस गया है। कुछ गाँव तो चारों तरफ से पानी से घिर गए है। यहाँ लोगों का एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया। लगातार तेज बारिश के कारण आदिवासी इलाकों में आफत आई हुई है। परेशानी इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि ज्यादातर लोग झोपडी और कच्चे मकानों में रह रहे हैं।

विपक्ष का विधायक, इसलिए सरकार का ध्यान नहीं

विधायक पांचीलाल मेडा ने द मूकनायक से बातचीत करते हुए सरकार पर आरोप लगाया है, की विधानसभा क्षेत्र का विधायक कांग्रेस विपक्ष का है। इसलिए भाजपा सरकार यहाँ ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर कांग्रेस की सरकार प्रदेश में बनेगी। जिसके बाद भाजपा शासन में हुए कारम डेम भ्रष्टाचार की जांच होगी और किसी भी दोषी को नहीं बक्शा जायेगा। यहां के ग्रामीणों को नुकसान का मुआवजा देने के साथ फिर से सभी बुनियादी सुविधाएं सरकार उपलब्ध कराएगी।

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