MP: अब नहीं कटेंगे भोपाल के 29 हजार पेड़, सरकार ने वापस लिया प्रस्ताव

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को सोशल मीडिया पर बताया कि पुरानी योजना को नामंजूर कर दिया गया है।
पेड़ों को बचाने तुलसीनगर में कैंडल मार्च निकाला गया.
पेड़ों को बचाने तुलसीनगर में कैंडल मार्च निकाला गया.

भोपाल। "मैं एक पेड़ हूं। मैं इस प्रकृति को दिया गया एक अमूल्य वरदान हूं। मैं ही इस सम्पूर्ण जगत में घटित होने वाली समस्त प्राकृतिक घटनाओं का प्रमुख कारण हूँ। इस संसार के सभी जीव-जंतुओं के जीवन का आधार मैं ही हूं। मैंने देखा की मेरी उपयोगिता को भोपाल वासियों ने समझा। हमें बचाने के लिए लोग हमसे लिपट पड़े, एक ने तो जंज़ीरों के साथ खुद को हमसे बांध लिया। लोगों ने रक्षा सूत्र बांधकर हमें सुरक्षित रखने का वादा किया। आपकी जागरूकता और जन आंदोलन से हम 29 हजार पेड़ों की जान बची है। हम विश्वास दिलाते हैं, हमेशा पूर्व की तरह बिना रुके इस पर्यावरण के लिए चौबीसों घण्टे काम करते रहेंगे।"

पेड़ बचाने के लिए आंदोलन में जुटे हज़ारों लोगों को यह पेड़ निश्चित ही ऐसे ही आभार प्रकट कर रहे होंगे। दरअसल, राजधानी भोपाल के 29 हजार पेड़ काटकर मंत्री, विधायकों के बंगले बनाने का प्लान सरकार ने कैंसल कर दिया है। सोमवार शाम को सरकार के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट कर यह जानकारी दी है।

भोपाल शहर के तुलसी नगर-शिवाजी नगर में सरकारी आवास तोड़कर मंत्री और विधायकों के बंगले और फ्लैट बनाने की योजना के सामने आने के बाद से जन आंदोलन शुरू हो गया था। सैकड़ों लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे। इसके चलते सरकार को यह प्रस्ताव वापस लेना पड़ा।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को सोशल मीडिया पर बताया कि पुरानी योजना को नामंजूर कर दिया गया है। अब वैकल्पिक जगह के निरीक्षण के लिए कहा गया है। नई जगह का चयन जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सुझाव के बाद ही होगा। बता दें कि 6 जून को हाउसिंग बोर्ड की ओर से तैयार रिडेंसिफिकेशन स्कीम के प्रजेंटेशन में पुराने सरकारी आवासों को तोड़कर 296 एकड़ में से 89 एकड़ पर मंत्री, विधायकों के लिए बंगले बनाए जाने का प्रस्ताव था।

सरकार के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "नये भोपाल के पुनर्घनत्वीकरण योजना के पर्यावरण संरक्षण एवं क्षेत्र में विद्यमान वृक्षों को देखते हुए प्रस्तुत प्रस्ताव को संपूर्ण विचारोपरांत अस्वीकृत कर अन्य वैकल्पिक स्थानों के परीक्षण के निर्देश दिये गये है। नवीन प्रस्ताव हेतु प्रारंभिक स्तर पर भी नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श भी किया जाएगा।"

कैंडल मार्च निकाला

तुलसीनगर में पेड़ों को बचाने के लिए सोमवार शाम को कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में सैकड़ों लोग शामिल हुए, इसमें महिलाओं की संख्या सर्वाधिक रही। मार्च के कुछ ही देर पहले नगरीय विकास और आवास मंत्री विजयवर्गीय का सोशल मीडिया का पोस्ट सामने आया था। इसके बाद भी मार्च निकाला गया। सरकार के द्वारा प्रस्ताव वापस लेने की ख़ुशी में लोगों ने आतिशबाजी भी की। कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इधर, पूर्व पार्षद अमित शर्मा ने कहा कि सरकार से मौखिक नहीं लिखित आदेश चाहिए। मौखिक तो पहले भी कई बार आश्वासन दिए जा चुके हैं।

इन प्रोजेक्ट के लिए पहले ही काट दिए हज़ारों पेड़

भोपाल तेजी से विकास कर रहा है। 10 सालों में ही कई बड़े प्रोजेक्ट बनाकर तैयार हुए। कुछ अभी भी चल रहे हैं। इन प्रोजेक्ट के लिए हजारों की संख्या में पेड़ों को काटा गया है। बता दें, स्मार्ट सिटी के निर्माण में 6 हजार, बीआरटीएस कारिडोर तीन हजार, विधायक आवास 1150 पेड़, सिंगारचोली सड़क निर्माण और चौड़ीकरण 1800 पेड़, हबीबगंज स्टेशन निर्माण 150, खटलापुरा से एमवीएम कालेज तक सड़क चौड़ीकरण दो सौ पेड़, भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए तीन हजार पेड़ और कोलार सिक्सलेन के लिए 800 पेड़ काट दिए गए।

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