राजस्थान में खेजड़ी वृक्षों की कटाई का मामला: एकजुट हुए पर्यावरण प्रेमी, प्रशासन से सवाल

कलक्टर बोले कार्रवाई कर रहे हैं, पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि तो फिर कटाई रुकी क्यों नहीं?
राजस्थान में खेजड़ी वृक्षों की कटाई का मामला: एकजुट हुए पर्यावरण प्रेमी, प्रशासन से सवाल

जयपुर। राजस्थान के बीकानेर में सरकारी सिस्टम पर सोलर कंपनी हावी है। निरंतर विरोध के बावजूद हर दिन जिले में अलग-अलग स्थानों पर राज्य वृक्ष हरी खेजड़ी का अवैध कटान हो रहा है। पेड़ों की कटाई का आरोप सोलर प्लांट लगाने वाली कंपनियों पर है। इस सम्बंध में किसानों और सरकार की तरफ से सोलर कंपनी प्रतिनिधियों और किसानों पर अलग-अलग नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले बुलंद हैं।

एक तरफ पर्यावरण संरक्षण का हवाला देकर सोलर बिजली उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दूसरी तरफ सोलर प्लांट लगाने के लिए सैकड़ों खेजड़ियों को उजाड़ कर पर्यावरण को क्षति पहुंचाई जा रही है। दूसरी ओर खेजड़ी के अवैध कटान पर कार्रवाई के दावों के बीच निरंतर हो रही पेड़ों की कटाई से सम्बंंधित विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में हैं। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि आखिर सरकारी कार्मिकों की क्या मजबूरी है कि सब कुछ जानते हुए भी राज्य वृक्ष खेजड़ी का अवैध कटान नहीं रुकवा पा रहे हैं।

जीव रक्षा संस्था बीकानेर अध्यक्ष मोखाराम जाट ने बताया कि 31 जुलाई की रात को भी नोखा दैया व जयमलसर के बीच में दो अलग-अलग सोलर प्लांट लगाने वाली कंपनियों के द्वारा राज्य वृक्ष खेजड़ी के हरे पेड़ों को काट गया। इसके बाद पिकअप लोडिंग वाहन में भरकर अन्यत्र बेचने जा रहे थे। इस दौरान पर्यावरण प्रेमियों ने खेजड़ी की हरी लकड़ियों से भरी पिकअप को रोक लिया। उन्होंने बताया कि पर्यावरण प्रेमियों ने वन कर्मियों व राजस्वकर्मियों को बतौर सबूत लोडिंग वाहन और खेतों में काटे गए हरे वृक्षों की वीडियो फोटे भेजकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन दोनों ही विभागों के अधिकारी कार्रवाई में टालम टोल करते रहे।

इसके बाद एक अगस्त को सुबह वनकर्मी मौके पर तो पहुंच गए, लेकिन राज्य कर्मी शाम तक भी नहीं पहुंचे। मोखाराम धरणिया ने बताया कि वन विभाग ने लकड़ियों से भरी पिकअप को जब्त कर लिया है। दूसरी तरफ राजस्व कर्मी शाम तक भी जिस खेत से खेजड़ी काटी गई वहां नहीं पहुंचे। ग्रामीण दिन भर खेत में रहे। अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाया। रात अंधेरा होने के बाद फोन उठा कर किसानों को बताया कि हमने मौका बना लिया है। मोखाराम ने बताया कि जब दिनभर पर्यावरण प्रेमी कटे पेड़ों के पास बैठे रहे तब अधिकारी नहीं पहुंचे। जब अंधेरा हुआ तो कहने लगे की मौका देख लिया है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि जिले में खेजड़ी का अवैध कटान नहीं रुक रहा है।

अखिल भारतीय विश्नोई महासभा फिर लिखा कलक्टर को पत्र

अखिल भारतीय विश्नोई महासभा प्रदेशाध्यक्ष देवेन्द्र बूडिया विश्रोई ने एक फिर जिला कलक्टर बीकानेर को पत्र लिख कर बताया कि जिला क्षेत्र के राजस्व रोही जयमलसर जहां सोलर कंपनियां पूर्व में हजारों वृक्ष खेजड़ियों की कटाई करवा चुकी है। माननीय उच्च न्यायालय जोधपुर के आदेशों के बवजूद भी बीकानेर जिला क्षेत्र में वृक्षों की अंधाधुंध कटाई सोलर कंपिनयों द्वारा करवा कर खेजड़ियों की हरी लकड़ियों को पिकअप गाड़ियों, ट्रैक्टर ट्रॉली और ऊंट गाढ़ों से परिवहन कर वन माफियाओं को बेची जा रही है।

देवेन्द्र बूडिया ने पत्र में लिखा कि पूर्व में 28 जुलाई को भी पत्र लिख कर बीकानेर क्षेत्र में वृक्षों की कटाई की रोकथाम के लिए अनुरोध किया गया था। उसी पत्र के बिन्दुओं पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

कलक्टर बीकानेर को सम्बोधित पत्र में लिखा गया कि आपके राजस्व विभाग के पटवारी, गिरदावर, तहसीलदार को सोलर कंपनियों द्वारा पेड़ों की कटाई की जानकारी होने के बावजूद पर्यावरण प्रेमी और अन्य वन्य जीव प्रेमियों की शिकायत के बाद भी कानूनी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में आप खुद मौका निरीक्षण कर कानूनी कार्रवाई करवाने की कृपा करें।

आगे लिखा कि एक अगस्त को पर्यावरण प्रेमियों ने हरे खेजड़ी के वृक्षों को काट कर ले जा रही लकड़ियों से भरी हुई पिकअप जयमलसर से आगे नोखा दैया के बीच रुकवा कर वन विभाग को सूचना दी है, लेकिन एफआईआर नहीं हुई है।

पत्र में लिखा कि "31 जुलाई की रात को जयमलसर की रोही में सोलर प्लांट लगवाने वाली कंपनी के मालिकों द्वारा खुले आम जेसीबी मशीनों से खेजड़ी के वृक्षों की कटाई कर पूरी रात वन माफियाओं द्वारा पिकअप गाड़ियों द्वारा काटे गए वृक्षों को परिवहन कर फैक्टरियों में भेजा गया। वन माफिया अवैध हथियारों के साथ घूम कर पर्यावरण प्रेमियों को धमका रहे हैं।"

राजस्थान के बीकानरे जिले में राज्य वृक्ष खेजड़ी की लगातार अवैध कटाई हो रही है। कटाई का आरोप सोलर कंपनियों पर है। पर्यावरण प्रेमियों की शिकायत के बावजूद खेजड़ी का अवैध कटान करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इन सवालों पर बीकानेर कलक्टर भगवती प्रसाद ने द मूकनायक से बात करते हुए कहा कि यह कहना गलत है कि कार्रवाई नहीं हो रही है। वन क्षेत्र में काटे गए पेड़ों पर वन विभाग ने वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। राजस्व भूमि में जहां भी पेड़ों की कटाई की गई है। वहां राजस्थान काश्तकारी अधिनियम के तहत सम्बंधित किसानों पर एफआईआर करवाई गई है।

तो फिर खेजड़ी का अवैध कटान क्यों नहीं रुक रहा!

जीव रक्षा संस्था बीकानेर अध्यक्ष मोखाराम धरणिया ने द मूकनायक को बताया कि जिले में अवैध खेजड़ी कटान का पर्यावरण प्रेमी विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद जिले में हर दिन खेजड़ियों को काटा जा रहा है। यह सच है कि ग्रामीणों के दबाव में राजस्व विभाग ने सोलर कंपनी और किसानों को नामजद करते हुए दो अलग-अलग एफआईआर करवाई है। किसानों की ओर से भी सोलर कंपनी पर बिना अनुमति के प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है।

धरणिया ने कहा कि "जिला कलक्टर कहते हैं कि हम कार्रवाई कर रहे हैं। फिर खेजड़ी का अवैध कटान क्यों नहीं रुक रहा। हम चाहते हैं खेजड़ी का कटान रोका जाए। यह कैसे रुकेगा प्रशासन तय करे। यदि खेजड़ी का अवैध कटान नहीं रुका तो पर्यावरण प्रेमी सड़कों पर उतरेंगे। पेड़ों की रक्षा के लिए खेजड़ली आंदोलन की तरह प्राण भी त्यागने पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे।"

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