
उत्तर प्रदेश: बदायूं जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां समरेर ब्लॉक में स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय बालिका विद्यालय में भोजन करने के बाद सात छात्राओं की अचानक तबीयत खराब हो गई। इस घटना के बाद स्कूल परिसर और स्थानीय प्रशासन में अफरातफरी का माहौल बन गया।
घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। शनिवार देर रात करीब 12:30 बजे आनन-फानन में सभी बीमार छात्राओं को समरेर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ले जाकर भर्ती कराया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने तुरंत बच्चियों का प्राथमिक उपचार शुरू किया।
सीएचसी में प्राथमिक इलाज मिलने के बाद पांच छात्राओं के परिजन अस्पताल पहुंचे। वे अपनी बच्चियों को आगे के इलाज के लिए अपने साथ घर ले गए। परिजनों का कहना है कि वे अब अपनी सुविधा के अनुसार किसी निजी अस्पताल में छात्राओं का उपचार करवाएंगे।
समरेर सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी लिकिमा राम ने इस मामले में अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि छात्राओं की तबीयत भीषण गर्मी की वजह से बिगड़ी है। हालांकि, संदेह को दूर करने के लिए स्कूल में परोसे गए भोजन के नमूने भी लिए जाएंगे। इन सैंपल्स की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि बीमारी का कारण भोजन था या कुछ और।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर आवासीय विद्यालय के प्रिंसिपल राजेंद्र प्रसाद का बयान भी सामने आया है। उनका कहना है कि स्कूल की केवल तीन छात्राओं की तबीयत खराब हुई थी और इसके पीछे की मुख्य वजह गर्मी ही थी।
सीएचसी में शुरुआती इलाज के बाद कुछ छात्राओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। वहां से उन्हें बाद में राजकीय मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया गया है। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में इलाज करा रहीं दो छात्राओं की हालत अब पूरी तरह से स्थिर है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) अवनीश कुमार राय ने तुरंत एक जांच समिति का गठन कर दिया है। इस समिति में उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार को शामिल किया गया है, जिन्हें घटना की तह तक जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि रविवार शाम तक इस मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। डीएम ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ प्रशासन की तरफ से बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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