
मेरठ- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। स्थानीय कंपाउंडर पारस राजपूत ने दलित महिला सुनीता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। लगभग 40 वर्ष की सुनीता, अपनी बेटी के साथ खेत की ओर जा रही थीं जब पारस ने रूबी के साथ दुर्व्यवहार की कोशिश की। मां के बीच में आने पर आरोपी ने गुस्से में धारदार हथियार से सुनीता के गले पर वार कर दिया, इसके बाद पारस रूबी को अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में डालकर फरार हो गया। सुनीता को अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान शाम को उनकी मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलने पर लोगों ने हंगामा करते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ की। गुस्साए ग्रामीणों ने सुनीता का शव एम्बुलेंस से गांव पहुंचते ही तोड़फोड़ मचा दी। उन्होंने एम्बुलेंस पर पथराव किया और वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। जब पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, तो ग्रामीणों ने 'न्याय दो, शव मत ले जाओ' के नारे लगाते हुए इसे रोक लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरधना सहित आसपास के थानों से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस ने किसी तरह मामला संभाला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं सूचना मिलते ही एसएसपी डा. विपिन ताडा व एसपी देहात अभिजीत कुमार मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दी, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ सका। आरोपी का घर पुलिस को खाली मिला। पीड़ित पक्ष से युवती के भाई नरसी कुमार ने थाने पहुंच कर घटना की तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी पारस पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसपी डा. विपिन ताडा ने मामले में एसपी देहात के नेतृत्व में पांच टीम गठित की है।
पुलिस ने हत्या और अपहरण के आरोपी पारस राजपूत के दादा-दादी को हिरासत में ले लिया है, जबकि आरोपी के मां-बाप और भाई फरार होने की खबर है। मुख्य आरोपी पारस की तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी अभियान चला रही हैं। रूबी का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है, और परिवार ने बेटी को सुरक्षित लौटाने की अपील की है।
इस सनसनीखेज वारदात ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल न्याय की मांग की है। कांग्रेस पार्टी ने भी प्रदेश स्तर पर कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ी आलोचना की और प्रभावित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोशल मीडिया पर घटना को 'अति-दुखद, शर्मनाक एवं चिन्तनीय' बताते हुए बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की इज्जत-आबरू से खिलवाड़ और फिर हत्या जैसी घटनाओं को सरकार पूरी गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करे, ताकि आपराधिक तत्वों को ऐसे घृणित कार्यों से रोका जा सके। मायावती ने विशेष रूप से महिला सुरक्षा के मामले में सरकार का ध्यानाकर्षण कराया।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.