फतेहपुर: बाइक छू जाने पर मनबढ़ों ने दलित युवक का सिर फोड़ा, जातिसूचक गालियों से किया अपमानित

बैरागी पुरवा गाँव की घटना, पीड़ित आदित्य कुमार अस्पताल में भर्ती, पुलिस ने शिकायत पर दर्ज किया मामला।
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फतेहपुर, उत्तर प्रदेश। देश में जाति के नाम पर होने वाले अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक और शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक मामूली सी बात पर एक दलित युवक को बेरहमी से पीटा गया। यह घटना 2 सितंबर की बताई जा रही है, जब एक छोटी सी सड़क दुर्घटना ने हिंसक रूप ले लिया।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित आदित्य कुमार अपनी मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान, उनकी बाइक गलती से बैरागी पुरवा गाँव के निवासी कृष्णा पटेल की गाड़ी से हल्की सी छू गई। इस मामूली सी बात पर कृष्णा पटेल और उसके साथी अपना आपा खो बैठे। उन्होंने बीच रास्ते में आदित्य को रोक लिया और उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने न सिर्फ आदित्य के सिर पर कई वार किए, बल्कि उन्हें जातिसूचक गालियाँ देकर सरेआम अपमानित भी किया।

इस क्रूर हमले में आदित्य कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगी। उन्हें इस हालत में देखकर आस-पास के गाँव वाले तुरंत मदद के लिए आगे आए और उन्हें नज़दीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

पीड़ित आदित्य कुमार द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जाँच शुरू कर दी है।

यह घटना भारत में दलितों के खिलाफ हो रही हिंसा की एक और दर्दनाक कड़ी है। तमाम सरकारी कानूनों और कानूनी सुरक्षा के दावों के बावजूद, देश के अलग-अलग कोनों से दलित समुदाय के लोगों के साथ हिंसा, भेदभाव, यौन उत्पीड़न और सामाजिक बहिष्कार जैसी दिल दहला देने वाली खबरें आती रहती हैं।

कुछ समय पहले ही राजस्थान में एक आठ साल के मासूम दलित बच्चे को सिर्फ इसलिए पेड़ से उल्टा लटका दिया गया था क्योंकि उसने पानी के एक मटके को छू लिया था। उस बच्चे से पहले शौचालय साफ करवाया गया और कचरा उठवाया गया, और जब उसने अपना काम खत्म करके पीने के लिए पानी माँगा, तो उस पर हमला कर दिया गया। ये घटनाएँ समाज में गहरी पैठ बना चुकी जातीय नफरत की कड़वी सच्चाई को उजागर करती हैं।

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