मदुरै में दलित ईसाइयों को एससी सूची में शामिल करने की मांग, सेंट मैरी कैथेड्रल पर फहराया काला झंडा

मदुरै में सेंट मैरी कैथेड्रल पर काला झंडा फहराकर दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति सूची में शामिल करने की मांग तेज.
Black Flag Hoisted at Madurai Cathedral Demanding SC Status for Dalit Christians.
मदुरै में दलित ईसाइयों को एससी सूची में शामिल करने की मांगPic- Internet
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मदुरै/तमिलनाडु: मदुरै के सेंट मैरी कैथेड्रल में रविवार को दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति (SC) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर काला झंडा फहराया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व मदुरै के आर्कबिशप एंटनीसामी सवरिमुथु और बिशप जेसिंग प्रिंस प्रभाकर ने किया।

पत्रकारों से बातचीत में आर्कबिशप सवरिमुथु ने कहा कि यह मांग किसी “विशेष कृपा” के लिए नहीं, बल्कि हक और अधिकारों के लिए है।

उन्होंने कहा, “यह केवल दलित ईसाइयों या ईसाइयों का विरोध नहीं है, न ही यह कोई अल्पसंख्यक आंदोलन है। हर नागरिक को उसका अधिकार मिलना चाहिए।”

आर्कबिशप ने बताया कि दलित सिखों और बौद्धों को लगातार आंदोलनों के बाद एससी सूची में शामिल किया गया, लेकिन धार्मिक आधार पर दलित ईसाइयों को पिछले 75 वर्षों से इस अधिकार से वंचित रखा गया है।

प्रदर्शन में विदुथलाई चिरुथाइगल काची के एललन, मदुरै दक्षिण के विधायक बूमिनाथन, अस्पृश्यता उन्मूलन मोर्चा मदुरै जिला अध्यक्ष बालासुब्रमणियन, तमिलनाडु महिला आंदोलन की प्रतिनिधि अरोकीया मैरी और दलित अधिकार संगठन एविडेंस के निदेशक काथिर शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से दलित ईसाइयों को संवैधानिक संरक्षण और आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।

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