मल्लिकार्जुन खरगे के 'अपमान' पर भड़के भट्टी विक्रमार्क, आत्मसम्मान के लिए किया देशव्यापी दलित-आदिवासी आंदोलन का आह्वान

तेलंगाना के डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्क ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान को दलित आत्मसम्मान पर सीधा हमला बताते हुए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
Bhatti Vikramarka on Mallikarjun Kharge
तेलंगाना के डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्क
Published on: 

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कथित अपमान को हाशिए पर मौजूद समुदायों के खिलाफ जारी भेदभाव का प्रतीक बताते हुए, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने मंगलवार को एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने दलितों और आदिवासियों की गरिमा और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का आह्वान किया है।

नई दिल्ली में कांग्रेस एससी और एसटी सांसद फोरम द्वारा आयोजित 'दलित-आदिवासी आत्मसम्मान सम्मेलन' को संबोधित करते हुए विक्रमार्क ने अपनी बात रखी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान और उसके समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय जैसे मूल मूल्यों की रक्षा करना देश के हर नागरिक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने याद दिलाया कि छुआछूत के खिलाफ पहला प्रस्ताव कांग्रेस ने ही पारित किया था और बाद में संविधान को लागू करने में भी अहम भूमिका निभाई थी। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आज संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और देश में संविधान की जगह मनुस्मृति की विचारधारा को बढ़ावा देने के प्रयास हो रहे हैं।

भट्टी ने कहा कि भारत का संविधान ही देश के हर नागरिक को एक मजबूत सूत्र में बांधता है और इसका उल्लंघन करने का सीधा अर्थ राष्ट्र की नींव को कमजोर करना है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि हालांकि कांग्रेस सरकारों के दौरान दलितों और आदिवासियों के खिलाफ भेदभाव से निपटने के लिए कई कड़े कानून बनाए गए थे, लेकिन दुर्भाग्य से आज भी समाज में भेदभाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

मल्लिकार्जुन खरगे के राजनीतिक कद का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे महज एक दलित नेता नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता हैं जिन्होंने दशकों की जनसेवा के जरिए ऊंचे संवैधानिक और राजनीतिक पद हासिल किए हैं। हल्द्वानी में खरगे की जनसभा के बाद हुए कथित 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान को उन्होंने दलित आत्मसम्मान पर सीधा हमला करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में एफआईआर की मांग करने वाले राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी कड़ी आलोचना की।

व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपमानित हुए इंसान के लिए न्याय मांगता है या अधिकारियों से सवाल करता है, तो उसी पर मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। उनका मानना है कि यह स्थिति दलितों और आदिवासियों के खिलाफ सिस्टम के भीतर मौजूद गहरे भेदभाव को पूरी तरह उजागर करती है।

दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों से भेदभाव के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए भट्टी ने कड़े शब्दों में कहा कि हम ऐसी स्थिति को कतई स्वीकार नहीं कर सकते जहां अनुसूचित जाति, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग समेत करोड़ों लोगों को दोयम दर्जे का नागरिक माना जाए। उन्होंने सभी से अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए एक साथ आकर लड़ने का पुरजोर आग्रह किया।

Bhatti Vikramarka on Mallikarjun Kharge
स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाने पर दर्ज हुई थी FIR, अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CJP नेता की गिरफ्तारी पर लगाई रोक
Bhatti Vikramarka on Mallikarjun Kharge
आंध्र प्रदेश: विशाखापत्तनम में 5 दिन के भीतर दो मेडिकल छात्राओं ने की आत्महत्या, जांच के आदेश
Bhatti Vikramarka on Mallikarjun Kharge
इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: स्क्रीनिंग परीक्षा में जनरल कट-ऑफ पार करने वाले आरक्षित उम्मीदवार माने जाएंगे अनारक्षित

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक को सब्सक्राइब करें

'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।

यहां सब्सक्राइब करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com