यूपी के बलिया में शर्मनाक वारदात: 9 साल की दलित बच्ची के साथ दो नाबालिगों ने किया सामूहिक दुष्कर्म

यूपी के बलिया में 9 साल की मासूम दलित बच्ची के साथ दो नाबालिग लड़कों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है, पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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उत्तर प्रदेश: बलिया जिले से एक बेहद ही परेशान करने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां हल्दी थाना क्षेत्र के एक गांव में नौ साल की एक मासूम दलित बच्ची के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है।

हैरान करने वाली बात यह है कि इस घिनौनी घटना के दोनों आरोपी भी नाबालिग हैं और पीड़ित बच्ची के ही गांव के रहने वाले हैं। पीड़ित बच्ची के पिता की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के मुताबिक, यह खौफनाक घटना 23 मई की शाम की है। उस वक्त मासूम बच्ची गांव के बाहर बकरियां चरा रही थी। आरोप है कि तभी दोनों नाबालिग लड़कों ने उसे किसी चीज का लालच देकर अपने पास बुलाया और फिर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।

पिता ने अपनी तहरीर में यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि वारदात के दौरान आरोपियों ने बच्ची के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है।

बैरिया के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मोहम्मद फहीम कुरैशी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दोनों आरोपी लड़कों की उम्र महज 11 से 12 साल के बीच है। उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की कि आरोपी और पीड़िता पहले से एक-दूसरे से परिचित थे।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सोमवार को दोनों आरोपी लड़कों के खिलाफ कड़ी धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 70(2) (सामूहिक दुष्कर्म), पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

डीएसपी ने आगे बताया कि पीड़ित बच्ची को मंगलवार के दिन मेडिकल जांच के लिए जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस बच्ची के आधिकारिक बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है और मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई मुस्तैदी से की जा रही है।

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