
अहमदाबाद के शेला इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक रिटेल स्टोर में काम करने वाले 22 वर्षीय दलित युवक के साथ उसके ही एक सहकर्मी ने अपने तीन अज्ञात साथियों के साथ मिलकर बेरहमी से मारपीट की। विवाद की जड़ महज कुछ फटे हुए नोट थे। पीड़ित ने इस मामले में बोपल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने मारपीट के साथ-साथ जातिसूचक गालियां देने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
रविवार शाम को दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, पीड़ित युवक पिछले तीन साल से क्लब ओ7 (Club O7) के पास स्थित एक रिटेल आउटलेट में नौकरी कर रहा है। उसकी मासिक आय 12,500 रुपये है और वह प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से रात 10 बजे तक कैश काउंटर पर अपनी ड्यूटी देता है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस खौफनाक हमले की पटकथा पांच दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी। उसके एक सहकर्मी ने उसे 20-20 रुपये के दो फटे हुए नोट देकर उन्हें कैश काउंटर में रखने और बदले में नए नोट देने को कहा था। पीड़ित ने यह कहते हुए साफ मना कर दिया कि वहां सीसीटीवी कैमरे चालू हैं और उसे इस बारे में मैनेजर से बात करनी चाहिए। इस उचित जवाब पर सहकर्मी भड़क गया और उसने पीड़ित को जातिसूचक गालियां देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
यह विवाद यहीं नहीं थमा। शनिवार शाम को स्टोर के स्टॉकरूम में दोनों के बीच फिर से तीखी बहस हुई। पीड़ित वहां कुछ सामान व्यवस्थित कर रहा था, तभी आरोपी सहकर्मी ने उन पर एक भारी बॉक्स रख दिया। जब पीड़ित ने इस हरकत पर आपत्ति जताई, तो सहकर्मी ने उसका कॉलर पकड़ लिया और उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। हालांकि, उस वक्त अन्य कर्मचारियों के तुरंत बीच-बचाव करने से मामला शांत हो गया।
इस घटना के बाद, किसी और टकराव से बचने के लिए पीड़ित चुपचाप मैनेजर के केबिन में जाकर बैठ गया। लेकिन तभी आरोपी सहकर्मी अपने तीन अन्य अज्ञात साथियों को लेकर वहां आ धमका। वे लोग पीड़ित को जबरन घसीटते हुए स्टोर के बाहर ले गए। बाहर दो गुंडों ने पीड़ित के दोनों हाथ कसकर पकड़ लिए, जबकि आरोपी सहकर्मी ने उसकी बाईं आंख के पास जोरदार मुक्का जड़ दिया। इसी दौरान एक अन्य हमलावर ने पीड़ित को लातों से बुरी तरह पीटा।
जब स्टोर के अन्य कर्मचारी और आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा होने लगे, तो सभी हमलावर वहां से फरार हो गए। हमले के बाद बुरी तरह घायल पीड़ित को उसके भाई ने तुरंत सोला सिविल अस्पताल (Sola Civil Hospital) पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद रविवार तड़के करीब 2 बजे उसे छुट्टी दे दी गई।
बोपल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
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