हरिजन शब्द पर क्यों है प्रतिबंध? पूर्व SC आयोग सदस्य प्रदीप अहिरवार ने बताया पूरा कानून और इतिहास

“हरिजन” शब्द को लेकर देशभर में लंबे समय से बहस चल रही है। कई सामाजिक संगठनों और अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों का कहना है कि यह शब्द सम्मानजनक नहीं बल्कि अपमानजनक है। इसी वजह से राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और कई सरकारी संस्थाओं ने इस शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। इस विषय को विस्तार से समझने के लिए द मूकनायक ने मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व सदस्य प्रदीप अहिरवार से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि “हरिजन” शब्द का इतिहास क्या है, इसे लेकर कानूनी और संवैधानिक स्थिति क्या है, और क्यों सरकार व आयोग समय-समय पर इस शब्द के उपयोग से बचने की सलाह देते रहे हैं।

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