राजस्थान: आदिवासी युवक की पीट-पीट कर हत्या, समाज के लोग न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे

आदिवासी युवक की पीट-पीट कर हत्या
आदिवासी युवक की पीट-पीट कर हत्या
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परिजनों के इंकार करने पर मृतक का नहीं हो पाया पोस्टमार्टम, शव अस्पताल की मोर्चरी में रखा, परिजन व समाज के लोग कर रहे प्रदर्शन.

जोधपुर। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर में नल से पानी भरने के विवाद में एक आदिवासी युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। मामला शहर के सूरसागर भोमियां जी की घाटी सूरज का बेरा का है जहां एक कच्ची बस्ती में पानी भरने को लेकर हुए विवाद में एक आदिवासी युवक पर युवकों ने सरियों से हमला कर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर शव कब्जे में लेकर महात्मा गांधी अस्पताल में रखवाया है।

जानकारी के मुताबिक, आदिवासी किशनलाल भील मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहा था। इस हत्या की खबर मिलते ही उसके परिजन और रिश्तेदार भी एमडीएम अस्पताल पहुंच गए। मृतक किशनलाल को मुआवजा देने की मांग को लेकर विरोध जताया और पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़ गए। वहीं आक्रोशित समाज के लोग के साथ अन्य संगठन के लोग एमडीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे कर किशनलाल के परिवार के लिए मांग की है कि परिवार में एक को सरकारी नौकरी व 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए।

इस मामले में पुलिस द्वारा अब तक तीन आरोपियों शकील, नासिर और बबलू को हिरासत में लिया है और इन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है।

द मूकनायक से बात करते हुए मृतक के भाई अशोक ने बताया कि, "हैंडपंप से पानी भरने को लेकर लड़ाई-झगड़ा हो गया। मेरे भाई पर युवकों ने सरियों से हमला कर हत्या कर दी। हमारी मांग है कि परिवार में एक सदस्य को सरकारी नौकरी व 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए नहीं तो हम लोग धरने से नहीं उठेंगे।"

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