मिल्कीपुर में उपचुनाव नहीं हुआ निष्पक्ष, प्रशासन पर दबाव: अखिलेश यादव

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, अगर चुनाव आयोग सख्त कार्रवाई करता तो मिल्कीपुर में निष्पक्ष चुनाव हुआ होता। ये चुनाव निष्पक्ष नहीं हुआ है.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव
Published on

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मिल्कीपुर में उपचुनाव निष्पक्ष नहीं हुआ है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "अगर चुनाव आयोग सख्त कार्रवाई करता तो मिल्कीपुर में निष्पक्ष चुनाव हुआ होता। ये चुनाव निष्पक्ष नहीं हुआ है, इसलिए मैंने कहा है कि वह (भाजपा) बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का दिया हुआ वोटिंग का अधिकार छीनना चाहते हैं। सभी ने देखा है कि भाजपा के लोगों ने वोट के अधिकार को भी छीन लिया है।"

उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा, "अयोध्या के एसएसपी राजकरन नय्यर, मिल्कीपुर के एसडीएम राजीव रतन सिंह, सीओ मिल्कीपुर श्रेयस त्रिपाठी, इनायतनगर थाना के एसओ देवेंद्र पांडेय, थाना कुमारगंज के अमरजीत सिंह, थाना खंडासा के संदीप सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक पवन तिवारी पर काफी दबाव है। इतनी सी बात है कि दबाव बहुत है और कोई भी सच नहीं बोल सकता है।"

बता दें कि मिल्कीपुर विधानसभा की जनता ने उपचुनाव में अपना 2022 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां के मतदाताओं ने साल 2022 में हुए अब तक के सर्वाधिक 60.23 फीसदी मतदान को पीछे छोड़ते हुए उपचुनाव में 65.35 फीसदी मतदान किया है।

इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलकर मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में धांधली को लेकर ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के पोलिंग एजेंटों को मतदान कक्ष से बाहर निकाला गया, पुलिस अधिकारियों द्वारा मतदाताओं की आईडी चेक की गई और दर्जनों पोलिंग स्टेशनों पर भाजपा द्वारा फर्जी वोटिंग कराया गया। आरोप ये भी है कि भाजपा नेताओं द्वारा चार पहिया वाहनों के काफिले के साथ निर्वाचन क्षेत्र में घूम-घूम कर चुनाव को प्रभावित किया गया है।

(With inputs from IANS)

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव
भारत में जातिगत अत्याचार—1996 की ये UN रिपोर्ट आज भी प्रासंगिक, जानिए 28 साल बाद अचानक क्यों बनी चर्चा का विषय?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव
संसद में डेढ़ घंटे तक बोले पीएम मोदी, एक बार भी जाति जनगणना का जिक्र नहीं किया: राहुल गांधी
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव
मराठा आरक्षण को लेकर सरकार चिंतित, मनोज जरांगे को मुंबई आने की जरूरत नहीं: संजय निरुपम

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक को सब्सक्राइब करें

'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।

यहां सब्सक्राइब करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com