दिल्ली: दलित मेयर बनने से रोकने की साजिश, LG ने रद्द किया चुनाव

दिल्ली को दलित समाज से मेयर मिल जाता, लेकिन भाजपा के एलजी ने ऐन वक्त पर दिल्ली नगर निगम के मेयर का चुनाव रद्द कर दिया. जबकि चुनाव आयोग ने चुनाव कराने की अनुमति दे दी थी.
एमसीडी के प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा कि मेयर का चुनाव कैंसिल करवाकर भाजपा ने दलित समाज का अपमान किया है.
एमसीडी के प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा कि मेयर का चुनाव कैंसिल करवाकर भाजपा ने दलित समाज का अपमान किया है.

दिल्ली को गत शुक्रवार को दलित समाज से मेयर मिल जाता, लेकिन भाजपा के एलजी ने ऐन वक्त पर दिल्ली नगर निगम के मेयर का चुनाव रद्द कर दिया. जबकि चुनाव आयोग ने चुनाव कराने की अनुमति दे दी थी. इसकी जानकारी साझा करते हुए एमसीडी के प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा कि मेयर का चुनाव कैंसिल करवाकर भाजपा ने दलित समाज का अपमान किया है.

दलित समाज को पांच साल में केवल एक साल दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता है. भाजपा इसे भी छीन रही है. उन्होंने कहा कि एलजी चुनाव रद्द करने का कारण बता रहे हैं कि वो मुख्यमंत्री की सलाह पर काम करते हैं. इसमें सीएम की इजाजत नहीं मिली है. इससे पहले सीएम ने दिल्ली के हक में हजारों सलाह दिए हैं, पर एलजी ने आज तक उस पर काम नहीं किया.

इतिहास में आज का दिन काले अक्षरों में लिखा जाएगा

एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा कि भारत के इतिहास में आज का दिन काले अक्षरों में लिखा जाएगा. इसी तरह जब 2019 में चुनाव होने थे. उस समय भी पूरे देश के अंदर इलेक्शन हो रहे थे, तब भी दिल्ली के अंदर मेयर चुनाव हुआ था, लेकिन इस बार इन्होंने संविधान को तार-तार करते हुए इलेक्शन को कैंसल कर दिया. एलजी साहब यह कारण बता रहे हैं कि मुख्यमंत्री की सलाह पर काम करते हैं. अभी सीएम ने इसकी इजाजत नहीं दी है. मुख्यमंत्री ने दिल्लीवालों के हक में हजारों सलाह दिए, लेकिन एलजी साहब ने आज तक उस पर एक भी काम नहीं किया.

AAP के पास 135 पार्षदों के साथ कांग्रेस का भी समर्थन

वहीं इसको लेकर विशेष रवि का कहना है कि भाजपा को डर है कि एमसीडी में आप का दलित मेयर बन गया तो वो लोकसभा चुनाव बुरी तरह से हार जाएगी. AAP के मेयर प्रत्याशी महेश खींची का कहना है कि हमारे पास 135 पार्षदों के साथ कांग्रेस का भी समर्थन था. हम चुनाव जीत रहे थे, लेकिन भाजपा नहीं चाहती कि दलित दिल्ली का मेयर बने.

चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में खुलेआम गड़बड़ी हुई थी

उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता को पीठासीन अधिकारी बनाया गया. उसने भी मेयर चुनाव की प्रक्रिया को बाधित की और खुलेआम गड़बड़ी की. कल दिल्ली के अंदर 11 बजे मेयर का चुनाव होना था, लेकिन इन्होंने मेयर चुनाव कैंसिल कर दिया. भरतीय जनता पार्टी पूरे देश में घूम-घूम कर कह रही है कि हमको 400 सीटें दो, क्योंकि वो बाबा साहब के संविधान को बदलना चाहती है. अगर ये लोग दिल्ली मेयर का चुनाव कैंसिल कर सकते हैं तो कल को कुछ भी कर सकते हैं.

भाजपा हर रोज बेईमानी का नया कीर्तिमान करती है स्थापित

आप विधायक विशेष रवि ने कहा कि एमसीडी मेयर चुनाव में कांग्रेस के पार्षदों में भी आम आदमी पार्टी को समर्थन दे दिया था. इस बार पूरी तरह से साफ था कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी का मेयर बनेगा, लेकिन भाजपा हर रोज बेईमानी का नया कीर्तिमान स्थापित करती जा रही है. भाजपा संविधान में स्थापित नियमों कानून को तोड़ रही है. अब भाजपा ने देश में एक और नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. इस समय सबसे बड़ी चुनौती चुनाव आयोग से अनुमति लेने की थी, क्योंकि देश में चुनाव चल रहे हैं और आचार संहिता लगी हुई है. फिर भी चुनाव आयोग ने मेयर चुनाव कराने की अनुमति दे दी. मगर भाजपा ने चुनाव रद्द करा दिया. इससे यह साफ है कि भाजपा पूरी तरह से घबराई और भयभीत है. इसलिए वो चाहती है कि दिल्ली के अंदर मेयर का चुनाव न हो. भाजपा को लगता है कि एमसीडी में आप का दलित मेयर बन गया तो वो लोकसभा चुनाव बुरी तरह से हार जाएगी.

भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता आज फिर उजागर हुई

वहीं त्रिलोकपुरी से आप विधायक रोहित मेहरौलिया ने कहा कि मेयर चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के पास पूर्ण बहुमत है. जानबूझकर एक साजिश के तहत एलजी ने यह चुनाव रोकने का दुस्साहस किया है. एलजी साहब की इस हरकत से भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता आज फिर उजागर हुई है. इस बार दलित समाज के व्यक्ति को मेयर के रूप में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता. भाजपा को पता है कि आम आदमी पार्टी का मेयर चुनकर आ जाएगा तो इससे दिल्ली के लोगों में आम आदमी पार्टी के प्रति भरोसा बढ़ेगा.

BJP ने दलित प्रत्याशी को मेयर बनने से रोकने का प्रयास

वहीं आप से मेयर प्रत्याशी महेश खींची ने कहा कि मेयर चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के पास 135 पार्षद है और कांग्रेस का भी हमें समर्थन मिल रहा था. कल हम मेयर का चुनाव जीतने जा रहे थे. चुनाव आयोग ने भी चुनाव कराने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, लेकिन भाजपा के लोग तानाशाही दिखाते हुए संविधान के खिलाफ जा रहे हैं. भाजपा के एलजी ने चुनाव को टाल दिया. भाजपा नहीं चाहती है कि दिल्ली को दलित मेयर मिले. बीजेपी दलित विरोधी पार्टी है और दलितों के विरोध में काम कर रही है. चंडीगढ़ के चुनाव में भी भाजपा ने आम आदमी पार्टी के दलित प्रत्याशी को मेयर बनने से रोकने का प्रयास किया. जिसे पूरे देश ने देखा.

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