'बटेंगे तो कटेंगे' का एक और नया वर्जन: 'तुम बटने-कटने का राग लिखो, हम तारीख का हिसाब लिखेंगे'

शनिवार को सपा कार्यालय के बाहर एक और पोस्टर लगाया गया है जिसमें लिखा है, "तुम बटने-कटने का राग लिखो। हम तारीख का हिसाब लिखेंगे।"
यूपी में पोस्टर सियासत
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान 'बटेंगे तो कटेंगे' को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में लगातार पोस्टर वार जारी है। शनिवार को सपा कार्यालय के बाहर एक और पोस्टर लगाया गया है जिसमें लिखा है, "तुम बटने-कटने का राग लिखो। हम तारीख का हिसाब लिखेंगे।"

सपा कार्यालय के बाहर एक और पोस्टर लगाया गया है जिसे सपा नेता मोहम्मद इखलाक ने लगवाया है। उसमें उन्होंने स्लोगन के जरिए सत्तारूढ़ दल को घेरने का प्रयास किया है। तुम बटने-कटने का राग लिखो, हम तारीख का हिसाब लिखेंगे। तुम नफरत का योग लिखो, हम तरक्की का संयोग लिखेंगे। तुम जमीन पर जुल्म लिखो। हम आसमान में पीडीए का इंकलाब लिखेंगे।

पोस्टर में महंगाई और कानून व्यवस्था को लेकर भी छोटे छोटे चित्र दर्शाए गए हैं। तस्वीर में सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ शिवपाल और आदित्य यादव की भी फोटो लगाई गई है।

ज्ञात हो कि इसके पहले शुक्रवार को वाराणसी में भी सपा की तरफ से पोस्टर लगाया गया था जिसमें संकल्प 2024 लक्ष्य 2027 लिखते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्री कृष्ण और राहुल गांधी को अर्जुन की भूमिका में दर्शाया गया था। इसके पहले गोरखपुर में भाजपा की तरफ से 'बंटेंगे तो कटेंगे' के पोस्टर लगे। उसके बदले में सपा की ओर से 'जुड़ेंगे तो बढ़ेंगे' के पोस्टर भी काफी चर्चा में रहे।

उत्तर प्रदेश में नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान होना है। परिणाम की घोषणा 23 नवंबर को होगी। इस पोस्टरवार को उपचुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर देखा जा रहा है।

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