
नई दिल्ली: राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) जल्द ही सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक नई मिस्ड कॉल सुविधा शुरू करने जा रहा है। आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने शुक्रवार, 21 अगस्त को इस अहम पहल की जानकारी दी। इस नई व्यवस्था के जरिए कोई भी सफाई कर्मचारी अपनी शिकायत बेहद आसानी से दर्ज करा सकेगा। इसके साथ ही, इन कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को कुशल या अर्ध-कुशल श्रमिकों के बराबर लाने के लिए श्रम मंत्रालय के साथ लगातार बातचीत की जा रही है।
इस साल फरवरी में अपना पदभार ग्रहण करने के बाद से ही हरदीप सिंह गिल सीवर हादसों में होने वाली दुखद मौतों के लिए तुरंत मुआवजा सुनिश्चित करने पर जोर दे रहे हैं। बहुप्रतीक्षित मिस्ड कॉल सेवा की शुरुआत 23 अगस्त को एनसीएसके के स्थापना दिवस के खास मौके पर की जाएगी। यह कदम सफाई कर्मियों को अपनी आवाज सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम प्रदान करेगा।
आयोग का ध्यान केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके समग्र कल्याण पर केंद्रित है। ठेके पर रखे गए कर्मचारियों को नियमित करने और सुरक्षित कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करने के लिए आयोग विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके अलावा, 'नमस्ते' (NAMASTE) योजना के तहत सीवर और सेप्टिक टैंक श्रमिकों की स्थिति सुधारने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
गिल के अनुसार, सीवर और सेप्टिक टैंक श्रमिकों की प्रोफाइलिंग का काम फिलहाल लगभग 90,000 कर्मचारियों के आंकड़े पर आकर रुक गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि कई राज्य प्रशासन इन श्रमिकों के सत्यापन की प्रक्रिया में काफी देरी कर रहे हैं। इस बाधा को दूर करने के लिए एनसीएसके अब देशभर में उन सीवर श्रमिकों को पंजीकृत करने के लिए एक अलग तंत्र की सिफारिश करने पर विचार कर रहा है, जो किसी कारणवश 'नमस्ते' योजना की प्रोफाइलिंग में छूट गए हैं।
सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस साल मई में श्रम मंत्री को एक विस्तृत पत्र भी भेजा गया था। इस पत्र में प्रमुखता से मांग की गई थी कि इन कर्मचारियों को कुशल या अर्ध-कुशल श्रमिकों के समान वेतन दिया जाए।
साथ ही, महिला सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनकी शिफ्ट सुबह 5 बजे से शुरू न करने के निर्देश जारी करने का भी अनुरोध किया गया था। पत्र में उनके पेशे से जुड़े जानलेवा खतरों को देखते हुए एक मजबूत जीवन बीमा पॉलिसी लागू करने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया।
आयोग के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह मिस्ड कॉल सुविधा शुरुआत में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य देश भर से आने वाली शिकायतों की कुल संख्या और उनकी प्रकृति का सटीक आकलन करना है। इस पायलट प्रोजेक्ट से प्राप्त डेटा का विश्लेषण करने के बाद, भविष्य में एनसीएसके कार्यालयों में एक समर्पित और स्थायी कॉल सेंटर स्थापित करने की योजना है।
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