राजस्थान: सफाई कर्मचारियों की भर्ती में आरक्षण का विरोध

जयपुर सहित प्रदेश भर के निकाय सफाईकर्मी हड़ताल पर.
हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारी
हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारीफोटो साभार- दैनिक भास्कर

जयपुर। मुख्यमंत्री बजट घोषणा की अनुपालना में स्वायत्त शासन विभाग ने 176 नगरीय निकायों में 13 हजार 164 रिक्त पदों पर सफाई कर्मचारियों की सीधी भर्ती के लिए एक विज्ञप्ति जारी की है। इच्छुक अभ्यर्थी इस सफाई कर्मचारी सीधी भर्ती के लिए 15 मई से 16 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती में अन्य भर्तियों की तरह आरक्षण व्यवस्था लागू रहेगी।

सफाई कर्मचारी पद पर सीधी भर्ती में आरक्षण की व्यवस्था से नाराज परम्परागत सफाई कार्य करने वाले वाल्मीकि समाज में आक्रोश है। समाज को नजरअंदाज कर आरक्षण के आधार पर अन्य जाति के लोगों को भर्ती में प्राथमिकता देने से नाराज वाल्मीकि समाज ने प्रदेश भर में झाड़ू छोड़ हड़ताल कर दी है। इससे जयपुर शहर सहित राज्य के अन्य बड़े व छोटे शहरों की सफाई व्यवस्था चौपट है।

176 नगर निकायों में 13 हजार 164 रिक्त पद

स्वायत्त शासन विभाग ने राज्य के 176 नगरीय निकायों में सफाई कर्मचारियों के 13 हजार 164 रिक्त पदों पर भर्ती विज्ञप्ति जारी की थी। विभाग की और से जारी विज्ञप्ति के अनुसार 15 मई से 16 जून तक इन पदों पर आवेदन किए जा सकेंगे।

अभ्यर्थी को राज्य के किसी भी नगरीय निकाय, केंद्र व राज्य के किसी भी विभाग में कार्य करने का कम से कम एक वर्ष का अनुभव प्रमाण पत्र पेश करना होगा। जाति प्रमाण के आधार पर आरक्षण लाभ दिया जाएगा।

आपको बता दें कि बीते बजट सत्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में सफाई कर्मचारियों के 30 हजार पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। इस घोषणा की अनुपालना में ही स्वायत्त शासन विभाग ने 13 हजार 164 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती में अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष रखी गई है।

परम्परागत सफाई का कार्य करने वाले समाज को मिले प्राथमिकता

संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने गत दिवस प्रेस वार्ता कर सफाई कर्मचारियों की भर्ती में आरक्षण व्यवस्था को हटाकर परम्परागत सफाई कार्य करने वाले समाज को ही इन भर्तियों में प्राथमिकता देने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इस मांग पर ध्यान नहीं दिया। सफाई कर्मचारियों की भर्ती में आरक्षण को जारी रखा। इससे आक्रोशित वाल्मीकि समाज ने राज्य भर के नगरीय निकायों में हड़ताल कर दी है।

डंडोरिया कहते हैं कि 18 जनवरी और 15 अप्रैल को सरकार के साथ हुए समझौते में तय किया था कि सफाई कर्मचारी भर्ती में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही 2018 से पूर्व मस्टरोल ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को अनुभव में प्राथमिकता दी जाएगी।

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सरकार अपने वादे से मुकर गई। इसलिए प्रदेश के समस्त सफाई कर्मचारी, जमादार, एसआई, सीएसआई सहित समस्त वाल्मीकि समाज सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहा है।

उन्होंने कहा 2018 में भी भाजपा शासित वसुंधरा राजे सरकार के समय नगरीय निकायों में सफाई कर्मचारी भर्ती में आरक्षण व्यवस्था लागू होने से परम्परागत सफाई कार्य करने वाले समाज के लोग वंचित रहे थे।

वाल्मीकि समाज की जगह अन्य जातियों के लोग भर्ती हुए थे। आरोप है कि सफाई कर्मचारियों के पदों पर भर्ती अन्य जातियों के लोग सफाई की जगह अन्य काम कर रहे हैं। सफाई के लिए केवल वाल्मीकि समाज के लोगों से ही काम लिया जा रहा है।

डंडोरिया कहते हैं वाल्मीकि समाज के अधिकारों पर सरकार का कुठाराघात है। समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा सफाई कर्मचारियों के पदों पर आरक्षण खत्म कर परम्परागत सफाई कार्य से जुड़े वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता नहीं दी गई तो प्रदेश भर में सफाई व्यवस्था ठप्प की जाएगी। डंडोरिया ने दावा किया कि राजस्थान में 37 सीटों पर वाल्मीकि समाज जीत-हार में योगदान देता है।

लिखित समझौते से मुकर रही सरकार

अखिल भरतीय सफाई मजदूर संघ भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष रामदेव चन्नाल ने कहा कि गत दिनों संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ व राज्य सरकार के बीच सफाई कर्मचारी पदों पर भर्ती में आरक्षण लागू नहीं कर परम्परागत सफाई कार्य में लगे वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने सहित विभिन्न मुद्दों पर लिखित समझौता हुआ था। अब सरकार लिखित वादे से मुकर रही है।

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उन्होंने कहा जयपुर में 19 और 20 तारीख को हड़ताल का आह्वान किया गया था। 21 तारीख को स्वायत्त शासन विभाग में एक समझौता हुआ था। दो दौर की वार्ता के दौरान सौहार्दपूर्ण माहौल में लिखित में समझौता हुआ था। भर्ती की विज्ञप्ति में वाल्मीकि समाज को इग्नोर किया गया है।

संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ ने जयपुर में पुनः धरना देकर हड़ताल कर दी है। उन्हीं के आह्वान पर भीलवाड़ा में भी सफाई कर्मचारियों ने भी हड़ताल की है। इसके अलावा राज्य भर के अन्य जिलों में भी हड़ताल कर दी गई है।

यहां भी हड़ताल पर सफाई कर्मी

जयपुर और भीलवाड़ा के बाद वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मियों ने भरतपुर जिले के वैर में कर्मचारियों की भर्ती में आरक्षण के विरोध में जुलूस निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन दिया है। जयपुर जिले के रेनवाल में राजस्थान सफाई मजदूर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष द्वारका प्रसाद के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया।

नगरपालिका में कार्यरत सफाई कर्मियों ने पालिका उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सफाई भर्ती में आरक्षण लागू करने पर वाल्मीकि समाज ने झाडू डाउन कर सार्वजनिक अवकाश पर रहने की चेतावनी दी है। इसी तरह गुलाबपुरा नगरपालिका में वाल्मीकि समाज संघर्ष समिति के नेतृत्व में वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों ने रैली निकाल मर भर्ती में आरक्षण का विरोध किया। इसके अलावा, चाकसू में भी सफाई कर्मियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था चौपट हो गई।

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