एमपी: जबलपुर के पांच अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त, जानिए अग्निकांड से क्या है कनेक्शन?

जबलपुर में, अगस्त 2022 में न्यू लाइफ मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भीषण अग्निकांड में आठ लोगों की मौत, एक दर्जन लोग झुलस गए थे। जांच के बाद यह सामने आया था कि अस्पताल में फायरसेफ्टी का ध्यान नहीं रखा गया था। बिल्डिंग की फायर ऑडिट भी नही की गई थी।
सांकेतिक फोटो।
सांकेतिक फोटो।

भोपाल। मध्य प्रदेश के जबलपुर के पांच निजी अस्पतालों के लाइसेंस स्वास्थ्य विभाग ने निरस्त किए है। इसके पहले साल 2023 में भी 12 अस्पतालों के पंजीयन रद्द किए गए थे। यह कार्रवाई निजी अस्पताल  के संचालन के लिए बनाए गए नियमों का पालन नहीं करने पर की गई है, साथ ही फायर सेफ़्टी सर्टिफिकेट का न होना मुख्य कारण है। 

उल्लेखनीय है कि अगस्त 2022 में न्यू लाइफ मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल अग्निकांड के बाद से ही चिकित्सा महकमा सुरक्षा मानकों को लेकर काफी एहतियात बरत रहा है। इसी के तहत कार्रवाई अमल में लाई गई है।

जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिले के पांच अस्पतालों का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश जारी किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर संजय मिश्रा के अनुसार मध्य प्रदेश रुजोपचार्य गृह तथा रुजोपचार्य संबंधी स्थापना अधिनियम 1973 एवं नियम 1997 की धारा 6 (2) के अंतर्गत निम्नलिखित निजी चिकित्सालय में विभिन्न खामियां पाए जाने के कारण तत्काल प्रभाव से इनके रजिस्ट्रेशन लाइसेंस समाप्त कर दिए गए हैं।

सीएमएचओ के मुताबिक इनमें से किसी अस्पताल के पास फायर सेफ्टी का सर्टिफिकेट नहीं था किसी ने अपने रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया था। ऐसी स्थिति में इनका संचालन अवैध हो चुका था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अपने आदेश में संबद्ध अस्पतालों को निर्देशित किया है कि आदेश जारी होने के दिनांक से वे नए मरीजों की भर्ती नहीं कर सकते हैं जो मरीज भर्ती है उन्हें तत्काल समुचित उपचार उपलब्ध करा कर डिस्चार्ज करने की कार्यवाही की जाए और कार्यालय को सूचित किया जाए।

द मूकनायक प्रतिनिधि से बातचीत में सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि अस्पतालों के लाइसेंस की अवधि तीन साल की होती है। इसके बाद अस्पताल संचालकों को नियमानुसार इसे रिन्यू कराना होता है। अगले महीने कुछ अन्य अस्पतालों के लाइसेंस की अवधि भी समाप्त हो रही है। 

इन अस्पतालों के लाइसेंस हुए निरस्त 

नेपियर टाउन में स्थित आदित्य सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर, आकांक्षा हॉस्पिटल घमापुर चौक के समीप, ग्रोवर हॉस्पिटल राइट टाउन , श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल बिलखेरवा गांव जबलपुर, स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल बेदी नगर नागपुर रोड शामिल है, जिनके लाइसेंस निरस्त किए गए। 

साल 2023 में भी हुई थी कार्रवाई 

6 अप्रेल 2023 को जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 12 प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। इन अस्पतालों में चार अस्पतालों के पास फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं पाया गया था, जिसके चलते उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई थी। वहीं, आठ अस्पतालों ने अपना लाइसेंस रीन्यू कराने के लिए अप्लाई नहीं किया था। जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग ने इनकी मान्यता खत्म को खत्म कर दिया था। 

अस्पताल में आग लगने से हुईं थी आठ लोगों की मौत

दरअसल, अगस्त 2022 में जबलपुर में न्यू लाइफ मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भीषण अग्निकांड में आठ लोगों की मौत हो गई थी। एक दर्जन लोग झुलस गए थे। उस वक्त बड़ी मशक्कत से आधा दर्जन दमकल वाहनों ने एक घंटे की कवायद के बाद आग को काबू में किया था। जांच के बाद यह सामने आया था कि अस्पताल में फायरसेफ्टी का ध्यान नहीं रखा गया था। इसके साथ ही बिल्डिंग की फायर ऑडिट भी नही की गई थी।

भोपाल में बच्चा बार्ड में लगी थी आग

प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित हमीदिया कैंपस में कमला नेहरू गैस राहत हॉस्पिटल में 8 नवंबर 2021 की रात करीब 9 बजे आग लगी थी। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बच्चा वार्ड के एसएनसीयू में 40 बच्चे भर्ती थे, जहां आग से सबसे अधिक नुकसान हुआ था। शॉर्ट सर्किट की वजह से और पीडियाट्रिक वेंटिलेटर ने आग पकड़ ली थी। आग लगने से वार्ड में धुँआ भर गया था, जिसके कारण 10 बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई थी। वहीं एक दर्जन से अधिक नवजात झुलस गए थे।

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