मध्य प्रदेश: राज्य के शासकीय अस्पतालों में बेहतर उपचार के लिए एम्स करेगा मदद

एम्स भोपाल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को ई-आईसीयू की सेवा मुहैया कराएगा। यह नवाचार राज्य भर में महत्वपूर्ण देखभाल सेवाओं को बढ़ाने और रोगी परिणामों में सुधार करने के लिए किया जाएगा।
एम्स भोपाल
एम्स भोपाल

भोपाल। मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग एक नवाचार करने जा रहा है। जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर सुधार होगा। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा विभाग राजेंद्र शुक्ल ने प्रदेश की मेडिकल सुविधा को बढ़ाने के सरकारी अस्पतालों में एम्स भोपाल की सुविधा के लिए कवायद शुरू की है। इसके लिए राज्य सरकार और एम्स के बीच जल्द ही एमओयू (समझौता) होने वाला है।

बुधवार को एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात की। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और राज्य के लिए नवीन स्वास्थ्य सेवा समाधान तलाशने पर चर्चा की गई।

इसमें तय हुआ कि एम्स भोपाल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को ई-आईसीयू की सेवा मुहैया कराएगा। यह नवाचार राज्य भर में महत्वपूर्ण देखभाल सेवाओं को बढ़ाने और रोगी परिणामों में सुधार करने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, दोनों ने ही एक राज्य एक स्वास्थ्य नीति पर भी जोर दिया। एम्स भोपाल इस दूरदशों नीति को साकार करने में मध्य प्रदेश सरकार को सहायता के लिए अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेगा। इसके अलावा एम्स भोपाल ई-क्लासरूम शुरू करके मध्य प्रदेश के नए मेडिकल कॉलेजों को अपनी सहायता प्रदान करेगा।

इस पहल का उद्देश्य इन संस्थानों में छात्रों को एम्स भोपाल के अनुभवी संकाय सदस्यों के व्याख्यान तक पहुंच प्रदान करना है, जिससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि होगी। उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने डॉ. अजय सिंह को इन सभी स्वास्थ्य देखभाल पहलों को साकार करने में सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

ई-आईसीयू बनेगा

प्रदेश के सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर्स और गाइनो के कमी को दूर करने के लिए ई-आईसीयू की शुरुआत एम्स करेगा। वहीं गैस पीड़ित मरीजों को एम्स में उपचार मिल सकेगा। खासकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को इलाज मिलेगा। मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कर रहे छात्र भी अब एम्स के प्रोफेसरों से ई-क्लास के जरिए पढ़ सकेंगे।

डिप्टी सीएम और एम्स निदेशक के बीच अस्पतालों के लिए ई-आईसीयू सेवाएं शुरू करने पर भी बातचीत हुई है। इससे मरीजों के इलाज में सुविधा होगी। एक राज्य एक स्वास्थ्य नीति के कार्यान्वयन पर विचार-विमर्श किया। अजय सिंह ने बताया कि एम्स इस नीति को लागू करने वाला पहला संस्थान और मध्य प्रदेश पहला राज्य होगा।

विदिशा में तैयार मॉडल इमरजेंसी यूनिट

एम्स विदिशा के जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं के लिए मॉडल यूनिट तैयार कर सेवाएं दे रहा है। टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से 50 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इस एमओयू के बाद प्रदेशभर के जिला चिकित्सालयों में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। 

एम्स भोपाल
दिल्ली में 15 फरवरी तक धारा 144 लागू होने के पीछे क्या है वजह, क्या होगा प्रभाव?
एम्स भोपाल
दिल्ली: डॉ. रितु सिंह के समर्थन में आए भीम आर्मी चीफ को पुलिस ने किया डिटेन, आंदोलन हुआ तेज
एम्स भोपाल
राजस्थान: कोचिंग संस्थानों के लिए केन्द्र सरकार के नए नियम, छात्रों के आत्महत्या मामलों को रोकने में कितने कारगर?

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

Related Stories

No stories found.
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com