भोपाल। मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का प्रशासन टाइम टेबल जारी करने के बाद एग्जाम कराना ही भूल गया। जब छात्र परीक्षा देने पहुँचे तो परीक्षा की कोई तैयारी ही नहीं थी। इस बारे में छात्रों के द्वारा पूछने पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने परीक्षा होने से ही इनकार कर दिया। इसके बाद छात्रों ने कुलपति ऑफिस पहुँचकर धरना दिया। इधर, कुलपति ने एक कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए है।
दरअसल, विश्वविद्यालय ने 14 फरवरी 2024 को एमएससी केमेस्ट्री थर्ड सेमेस्टर, कम्प्यूटर साइंस फर्स्ट सेमेस्टर और कम्प्यूटर साइंस थर्ड सेमेस्टर 2023-24 का टाइम टेबल जारी किया था। तीनों क्लासेस की परीक्षाएं 21 फरवरी से 13 मार्च तक सुबह 8 बजे से 11 बजे तक होनी थीं। टाइम टेबल के मुताबिक, 5 मार्च को एमएससी फर्स्ट सेमेस्टर के 'कम्प्यूटर ऑर्गनाइजेशन एंड असेंबली लैंग्वेज' सब्जेक्ट का पेपर था। छात्रों को प्रवेश पत्र भी मिल चुके थे। मंगलवार सुबह 8 बजे जबलपुर समेत दूसरे जिलों से परीक्षार्थी यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां पता चला कि कोई एग्जाम नहीं है।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं को जब यह मामला पहुँचा तो वह सीधे छात्रों को लेकर कुलपति ऑफिस पहुँचे, यहाँ एक बैठक चल रही थी, बावजूद इसके छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने कुलपति के ऑफिस के अंदर जाकर आँखों पर काली पट्टी बांधकर जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है। हंगामा देखकर कुलपति डॉ. राजेश वर्मा और कुलसचिव दीपेश मिश्रा ने आनन-फानन में परीक्षा का दूसरा शेड्यूल जारी किया। परीक्षा कंडक्ट करने वाले अधिकारियों कुलसचिव ने नोटिस भेजकर तीन दिन के भीतर जवाब भी मांगा है।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में जबलपुर से सटे आस-पास के जिले से छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। छात्र आकाश ने द मूकनायक से बातचीत में बताया कि जब वह एग्जाम देने यूनिवर्सिटी पहुँचे तब वहाँ कोई तैयारी नहीं थी, टाइम हुआ तो हमने डिपार्टमेंट में जाकर पूछा तो किसी ने कुछ नहीं बताया और कह दिया आज एग्जाम नहीं है। इसके बाद हम सभी लोग कुलपति ऑफिस पहुँचे। वहां कुलसचिव भी मौजूद थे, जब अधिकारियों से जानकारी ली तो पता लगा की वह आज के पेपर कराना भूल गए थे।
द मूकनायक से जबलपुर एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सचिन रजक ने बताया- "विश्वविद्यालय प्रशासन ने एग्जाम फीस ली एडमिट कार्ड जारी किए और परीक्षा भूल गए। यूनिवर्सिटी में आस-पास के जिलों के छात्र पढ़ने आते हैं। छात्रों समस्या का सामना करना पड़ा। विश्वविद्यालय की ये पहली लापरवाही नहीं है। पहले भी कई मामले उजागर हुए है, अंक सूचियों में नाम की गड़बड़ी छात्रों के साथ हुई है।"
इधर, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. दीपेश मिश्रा ने द मूकनायक से बताया- "परीक्षा में लापरवाही करने की शिकायत मिली है। मंगलवार को एमएससी का एग्जाम होना था, लेकिन प्रश्न पत्र को लेकर कोई समस्या थी। हमने समस्या दूर कर ली है। हमने जांच कमेटी गठित कर दी है, स्ट्रॉन्ग रूम प्रभारी समेत दो लोगों से तीन दिन में नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा है। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।"
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