उत्तर प्रदेश: दलित का मकान गिराकर कब्जा करने का आरोप, डीएम ने दिए जांच के आदेश

डीएम ने पीड़ित परिवारों की फरियाद सुनकर एसडीएम को जांचकर कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सांकेतिक तस्वीर
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उत्तर प्रदेश। यूपी के कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र के एक गांव में कुछ लोगों द्वारा दलित बस्ती के घरों को गिराकर जमीन कब्जा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आधा दर्जन लोगों ने निर्मित घर और उसकी दीवार गिराकर कब्जा करने का प्रयास किया है। गांव के आधा दर्जन महिला पुरुषों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम को अपनी समस्या का शिकायती पत्र दिया। डीएम राजेश राय ने पीड़ित परिवारों की फरियाद सुनकर एसडीएम सिराथू को जांचकर कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।

यूपी के कोखराज थाना क्षेत्र के मकदूमपुर काजी गांव के मोहल्ला चमडौरी निवासी अजय कुमार गौतम, सुभाष चन्द्र, राम चन्द्र, रोशनी देवी, मनोज, कमलेश कुमार को गांव के प्रधान ने गरीबी और निराश्रय होने पर ग्राम सभा की जमीन का आवंटन कराकर रहने को घर बनाने की अनुमति दी थी।

अजय कुमार द मूकनायक को बताते हैं कि, गांव के 7-8 लोगों ने दो दिन पहले उनके निर्मित घर व उसकी दीवार को गिराकर उस पर कब्जा कर लिया। विरोध करने पर लाठी-डंडे से उन्हें मरने-मारने को उतारू हो जाते हैं। थाना पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की, लेकिन पुलिस वालों ने ग्रामीणों (पीड़ितों) को जांच के बहाने 2 दिन तक कार्रवाई के नाम पर चक्कर लगवाए।

आरोप है कि थाना पुलिस ने आरोपियों से सांठगाठ कर पीड़ितों को जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया। ग्रामीणों के मुताबिक, वह 2 दिन से थाना पुलिस के चक्कर लगा कर थक गए थे। कार्रवाई न होने पर डीएम दफ्तर में इंसाफ की आस लेकर पहुंचे हैं। उन्हें आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिला है।

मामले में डीएम ने दिए जांच के निर्देश

इस मामले में पीड़ित ग्रामीणों ने शुक्रवार को मंझनपुर स्थित कलेक्ट्रेट में आकार डीएम राजेश राय से इंसाफ की गुहार लगाई। डीएम ने तत्काल पीड़ित लोगों की समस्या के बाबत एसडीएम सिराथू को जांच कर प्रकरण की सत्यता के आधार पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिये। पीड़ित पक्ष को जांच के बाद कार्यवाही का भरोसा दिया गया है।

दलित उत्पीड़न पर क्या कहते हैं आंकड़े?

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट 2022 में दलितों के खिलाफ अपराध के 57,582 मामले और आदिवासियों के खिलाफ 10,064 मामले दर्ज किए गए। यह साल 2021 की तुलना में क्रमशः 13.1 प्रतिशत और 14.3 प्रतिशत अधिक है। अकेले उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ़ अपराध के 15,368 मामले दर्ज किए गए। इससे पहले बसपा सांसद गिरीश चंद्र के एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने मार्च, 2023 में संसद में बताया था कि साल 2018-2022 के दरमियान दलितों के खिलाफ अपराध के 1,89,945 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 49,613 मामले सिर्फ उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए।

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