यूपी: बहुजन कार्यकर्ता सूरज कुमार बौद्ध के चचेरे भाई की पीट-पीटकर हत्या, मामले को लेकर सोशल मीडिया पर आक्रोश

बहुजन कार्यकर्ता सूरज कुमार बौद्ध के चचेरे भाई की पीट-पीटकर हत्या
बहुजन कार्यकर्ता सूरज कुमार बौद्ध के चचेरे भाई की पीट-पीटकर हत्या
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जौनपुर। राजस्थान, मध्यप्रदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश से भी दलित उत्पीड़न की घटनायें लगातार सामने आ रही हैं. ताजा मामला जौनपुर ज़िले के थाना मीरगंज का है. जहां देर शाम दलित युवक जीतलाल गौतम (24) अपने से घर से निकला था, रातभर घर नहीं लौटा और सुबह तड़के सड़क किनारे उसकी लाश मिली. मृतक युवक बहुजन कार्यकर्ता सूरज कुमार बौद्ध के चचेरे भाई हैं. मामला दर्ज करवाने के लिए परिजन थाने के बाहर शव को लेकर बैठे हैं और पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में उचित कार्रवाई की जा रही है.

विस्तार से जानिए पूरा मामला

सूरज कुमार बौद्ध ने बताया है कि, उनके चचेरे भाई जीतलाल गौतम रविवार देर शाम करीब 8 बजे घर पर सब्जी देकर टहलने निकले थे. लेकिन देर रात तक वह घर वापस नहीं लौटे. तब घर वालों को लगा कि जीतलाल अपने किसी दोस्त के यहां रुक गये होंगे. लेकिन अगली सुबह भोर में उनकी लाश मिलने की ख़बर प्राप्त हुई.

सूरज का आरोप है कि, उनके भाई की पीट-पीटकर हत्या हुई है. जिसके बाद आक्रोशित परिजनों ने थाना मीरगंज के बाहर मृतक के शव को रख पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग शुरू कर दी.

मामले को लेकर सूरज कुमार बौद्ध ट्वीट करके जानकारी देते हैं कि, "मेरे चचेरे भाई जीतलाल गौतम की कल रात में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वह शाम को घर से निकला था, रात भर गायब रहा और सुबह उसकी लाश मिली।"

मामले पर पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए सूरज कुमार आगे लिखते हैं कि, "थानाक्षेत्र मीरगंज में मेरे चचेरे भाई की हत्या हुई है। पुलिस अधिकारी कार्यवाही करने के बजाए शव को जबरन उठाने की कोशिश कर रहे हैं। क्या SC व्यक्ति की हत्या का कोई मोल नहीं है? संज्ञान लीजिए"

वहीं मामले पर जौनपुर पुलिस जवाब देते हुए ट्वीट करती है और कहती है कि, "थानाध्यक्ष मीरगंज द्वारा अवगत कराया गया कि मौके पर क्षेत्राधिकारी मछलीशहर व अन्य थानों की फ़ोर्स के साथ मौजूद है आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।"

लेकिन पुलिस के रवैये को लेकर नाराज दिखे मृतक के चचेरे भाई सूरज बौद्ध एक और ट्वीट करते हुए कहते हैं कि "महोदय, आपकी ये फोर्स कार्यवाही की बजाए जबरदस्ती कर रही है। एक गरीब SC व्यक्ति की हत्या हुई है। पुलिस-प्रशासन मदद के लिए है या रौब के लिए? घटनास्थल पर उच्च अधिकारी को भेजिए।"

घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों में आक्रोश दिख रहा है. वरिष्ट पत्रकार दिलीप मंडल लिखते हैं कि, "बहुत ही दुखद घटना। असमय मृत्यु का शिकार बने सूरज जी के भाई को नमन। यूपी में क़ानून व्यवस्था की बुरी हालत का असर अब अपने आसपास के लोगों तक पहुँचने लगा है। ऐसी घटनाएँ लगातार हो रही हैं। प्रशासन अपना काम करे, ये बहुत ज़रूरी है।"

मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के कर्यकर्ता मनोज काका लिखते हैं कि "जौनपुर में रोज़-रोज़ हत्याए हो रही है ख़ासकर ग़रीबों पिछड़ो दलितों को निशाना बनाया जा रहा है दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।"

पत्रकार मीना कोटवाल लिखती हैं कि "बेहद ही दुखद खबर, मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, कृपया इस मामले की त्वरित संज्ञान लें। @Uppolice कृपया तत्काल कार्रवाई करें।"

भीम आर्मी कार्यकर्ता सुनील अस्तेय ने लिखा कि, "यूपी के सामाजिक कार्यकर्ता भाई @SurajKrBauddh के भाई की हत्या हुई है और पुलिस प्रशासन मदद करने के बजाय दबाव बना रहा। @jaunpurpolice मामले को संजीदगी से देखे, परिजनों की सुने, उत्तरप्रदेश पुलिस अपनी ना थोपे।"

मामले को लेकर जौनपुर पुलिस का कहना है कि मामले में जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है. हालांकि, मामले में अभी आरोपी लोग कौन हैं इसका पता नहीं चला है ये जांच का विषय है. ज़िसपर विधिवत कार्यवाही की जा रही है.

निर्मम UP पुलिस!

सूरज ने घटना पर ताज़ा जानकारी दी है कि, "आखिरकार जौनपुर पुलिस ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया और मेरे भाई के शव को परिजनों से छीनकर लेकर चली गई। निर्मम UP पुलिस!"

द शूद्रा के फाउंडर एडिटर सुमित चौहान लिखते हैं कि, "यूपी में फिर एक दलित को पीट-पीटकर मार डाला गया। @Uppolice पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। क्या दलितों की जान की कोई कीमत नहीं सीएम @myogiadityanath?"

समाजवादी लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष, राम करण निर्मल ने कहा, "जब से उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने दोबारा सत्ता संभाली हैं लगातार दलितों, पिछडे और मुसलमानों की हत्याएं जारी हैं। योगी का शासन में उत्तर प्रदेश वंचित तबके के नौजवानों की कब्रगाह बनता जा रहा हैं।"

दलितों की हत्याएं कब तक

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, चंद्र शेखर आज़ाद ने लिखा, "उत्तर प्रदेश में दलितों का दमन चरम पर है। भाई जीतलाल गौतम की पीट पीटकर की गई हत्या सुरक्षा व्यवस्था पर एक सवाल है। आखिर दलितों की हत्याएं कब तक होंगी ? मुख्यमंत्री जी क्या यही आपका सुशासन है??? आरोपियों को जल्द अरेस्ट कर उन्हें कड़ी सजा दी जाये।"

बसपा के नेशनल कोर्डिनेटर आकाश आनंद ने लिखा, "सूरज, ये बेहद दुःखद खबर है,कुदरत आपके भाई को शांति दे। मैं@uppolice से पूछना चाहता हूँ कि क्या उन्होंने प्रशासनिक कार्य करने के संकल्प को छोड़ दिया है? ना आपसे सुरक्षा हो रही है और ना आपका खौफ है मुजरिमों में। क्या ऐसे ही खौफ में हमारा समाज जीता रहेगा?"

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