यूपीः दलित महिला के शव का अंतिम संस्कार करने से रोका, पुलिस की मौजूदगी में तीन घंटे बाद हुआ

दलितों के लिए अंतिम संस्कार के लिए चिन्हित जमीन पर बनेगा खेल का मैदान.
अंतिम संस्कार के दौरान विवाद,  मौके पर मौजूद पुलिस और स्थानीय ग्रामीण.
अंतिम संस्कार के दौरान विवाद, मौके पर मौजूद पुलिस और स्थानीय ग्रामीण.तस्वीर- द मूकनायक

ग्रेटर नोएडा। यूपी के ग्रेटर नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) के थाना जारचा क्षेत्र के एक गांव में एक समुदाय के लोगों ने दलित बुजुर्ग महिला के शव का अंतिम संस्कार रुकवा दिया। इसके बाद गांव में तनाव बढ़ गया। सूचना मिलने पर एसडीएम दादरी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि करीब 3 घंटे तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। इस बीच सहमति बनने पर पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया।

जानकारी के मुताबिक ऊंचा गांव में जाटव समाज की विमला देवी (62) की सोमवार रात अचानक मौत हो गई थी। परिजन अंतिम संस्कार के लिए गांव के श्मशान घाट जा रहे थे, लेकिन एक समाज के लोगों ने विरोध कर अंतिम संस्कार रुकवा दिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। एसीपी, जारचा थाना प्रभारी और उप जिलाधिकारी गांव पहुंचे।

लोगों ने प्रशासन को बताया कि श्मशान घाट के लिए जगह जाटव समाज के लिए चिह्नित थी, लेकिन ग्रामीणों ने आम सहमति से इस पर खेल का मैदान बनाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन खेल का मैदान बनवा रहा है। उस समय विरोध कर रहे समाज के लोगों ने दूसरे स्थान पर अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई थी।

करीब डेढ़ माह पहले जाटव समाज के प्रेमपाल की मौत के समय भी अंतिम संस्कार रोक दिया गया था। उस समय तहसीलदार ने श्मशान घाट के लिए जमीन चिह्नित करने का आश्वासन दिया था। प्रेमपाल का अंतिम संस्कार पुराने सार्वजनिक श्मशान घाट पर ही किया गया, लेकिन अब फिर से विरोध शुरू हो गया है। तनाव बढ़ने पर अफसरों ने विरोध कर रहे लोगों से वार्ता की, तब करीब तीन घंटे बाद विमला का अंतिम संस्कार हो सका।

इस संबंध में एसीपी अमित प्रताप सिंह का कहना है कि गांव में सभी समाज के लोगों से बातचीत के बाद सार्वजनिक श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। जल्द ही जाटव समाज के लोगों के लिए जमीन चिन्हित कर समाधान निकाला जाएगा।

अंतिम संस्कार के दौरान विवाद,  मौके पर मौजूद पुलिस और स्थानीय ग्रामीण.
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