UP: स्कूल जाते समय गाड़ी से खींचकर दलित बच्चों को मनबढ़ों ने पीटा, लहूलुहान स्थिति में छोड़कर भागे

आगरा में दलित बच्चों को स्कूल जाते समय गाड़ी से खींचकर पीटा गया। जाति सूचक शब्द बोले। बच्चे लहूलुहान हो गए तो आरोपी भाग गए। जब बच्चे परिजन के साथ थाने पहुंचे तो यहां भी उन्हें परेशान होना पड़ा। घंटों तक थाने पर बैठाए रखा। एक जनप्रतिनिधि के दवाब में उनके बच्चे का मेडिकल तक नहीं कराया गया।
सांकेतिक तस्वीर
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उत्तर प्रदेश: आगरा जिले में स्कूल जा रहे दलित बच्चों को गाड़ी से खींचकर मनबढ़ों ने बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोप है कि उन्होंने बच्चे को जातिसूचक शब्द भी कहे। पिटाई करने के बाद आरोपी भाग निकले। आरोप है कि पुलिस अधिकारियों को जानकारी देने के लिए पीड़ित परिवार ने फोन किया, लेकिन फोन नहीं रिसीव हुए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र के उंदेरा गांव की है। गांव के एक ही परिवार के छह बच्चे फतेहपुर सीकरी स्थित स्कूल में पढ़ने वैन से जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में ही गांव के रघुवीर, भुल्लू, सिंधी ने मिलकर बच्चों को जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। 

गाड़ी में बैठे एक बच्चे अखिलेश ने विरोध किया। इसके बाद मनबढ़ों ने अखिलेश को खींचकर उसके सिर में जोरदार प्रहार कर उसे लहूलुहान कर दिया। मनबढ़ों ने तोषी, खुशबू, तृषा, अंशुल, आशीष, विनीत को भी बेरहमी से पीटा। इसके बाद धमकी देते हुए भाग निकले।

पिटाई से घायल और सहमे बच्चे परिजन के साथ थाने पहुंचे। आरोप है कि यहां भी उन्हें परेशान होना पड़ा। घंटों तक थाने पर बैठाए रखा। एक जनप्रतिनिधि के दवाब में उनके बच्चे का मेडिकल तक नहीं कराया गया। उन पर राजीनामा करने का दवाब बनाया गया। समझौता नहीं करने पर शांतिभंग की कार्रवाई में पाबंद कर जेल भेजने की धमकी भी दी गई।

एसीपी और थाना प्रभारी का फोन नहीं हुआ रिसीव

अमर उजाला के अनुसार, इस मामले में प्रतिक्रिया लेने हेतु एसीपी किरावली एवं थाना प्रभारी अछनेरा से उनके फोन पर लगातार प्रयासों के बावजूद बात नहीं हुई। दोनों अधिकारियों का फोन रिसीव नहीं हुआ।

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