बिहार: दलित मजदूरों ने कहा-"पुलिस ने करंट लगाया, गुप्तांग में पेट्रोल डाला"

एसपी ने दी सफाई, कहा - प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने और करंट लगाने की बात झूठी, अन्य आरोपों के संबंध में की जा रही जांच.
बिहार: दलित मजदूरों ने कहा-"पुलिस ने करंट लगाया, गुप्तांग में पेट्रोल डाला"

बिहार। भागलपुर जिले की पुलिस का खौफनाक चेहरा सामने आया है। आरोप है कि एक हत्याकांड के मामले में पुलिस ने सात दलित मजदूरों को दो दिन तक अवैध हिरासत में रखा। इसके साथ ही पूछताछ और जुर्म कबूल कराने के लिए पिटाई की, करंट लगाया और प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाला। यह सारी दास्तान पीड़ितों ने पुलिस के चंगुल से छूटने के बाद बताई है। सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इस घटना की खबर फैलने पर पुलिस के हाथ-पाँव फूल गए। एसपी ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा है कि मजदूरों को करंट लगाने और प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने के आरोप गलत है। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों को आई चोटों के बारे में जांच बैठाई गई है। सभी का इलाज चल रहा है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, पूरा मामला भागलपुर जिले के गौरडीह क्षेत्र का है। गौरडीह पुलिस पर आरोप लगे है कि उसने मजदूरी करने वाले सात लोगों को पहले उनके घरों से उठाया और फिर थाने ले जाकर उनकी जमकर पिटाई की। आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में लिए मजदूरों के साथ थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। पहले मजदूरों को बुरी तरह पीटा,मलद्वार में पेट्रोल डाल दिया, करंट लगाया और फिर बेल्ट से उनकी पिटाई की।

जानकारी के मुताबिक गौरडीह थाना क्षेत्र के पहाड़िया में बीते शुक्रवार देर रात को 49 वर्षीय सुमेश मंडल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में पुलिस ने सात मजदूरों को हिरासत में लिया था और उनसे पूछताछ करने के लिए थाने ले गई थी। मायागंज में इलाज कराने आए घायल धनेश्वर दास ने बताया कि पुलिस पूछताछ के लिए थाना लेकर गई थी और वहां पर जबरदस्ती अपराधियों के नाम को कबूल करवाने की कोशिश कर उन्हें बुरी तरह पीटने लगी। पीड़ितों ने बताया कि 24 घंटे तक पुलिस ने उन्हें थाने में रखा और सभी के दोनों हाथों को बांधकर एक घंटे तक लाठी-डंडा और बेल्ट से पिटाई की।

आरोप है कि पुलिस का पिटाई से मन नहीं भरा तो उन्होंने मलद्वार में पेट्रोल डाल दिया। सभी पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हैं। घायलों में कन्हैया दास, फुलेश्वर दास, अमीकर दास, संजीव दास, संतोष दास और धनेश्वर दास शामिल हैं। इन घायलों में किसी के तलवे पर जख्म है, तो किसी के पैर में, किसी के शरीर के कई हिस्सों में मारपीट के जख्म हैं।

इस मामले में सिटी एसपी राज ने द मूकनायक को बताया कि संबंधित एसडीपीओ को निर्देशित किया गया है और मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्य एकत्रित कर सामने रखे जाएंगे और इसमें जो भी दोषी होंगे उनपर कार्रवाई की जाएगी।

बिहार: दलित मजदूरों ने कहा-"पुलिस ने करंट लगाया, गुप्तांग में पेट्रोल डाला"
यूपी में पुलिस कार्रवाई से नाराज दलित युवक ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाई, मचा हड़कंप

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com