प्रो. दिलीप मंडल ने कहा- समाज ने अपना जातिवादी चेहरा दिखा दिया

प्रो. दिलीप मंडल ने कहा- समाज ने अपना जातिवादी चेहरा दिखा दिया
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दिल्ली कैंट वाली घटना पर डॉ उदित राज की अध्यक्षता में दिल्ली के जंतर-मंतर में कैडल मार्च निकाला गया. इस दौरान जगह-जगह से बच्ची को न्याय दिलाने के लिए काफी लोग एकत्र हुए. इस दौरान प्रो. दिलीप मंडल भी मौजूद थे. इस दौरान उनसे पूछा गया कि इस तरह से मार्च से बच्ची को न्याय मिल पाएगा, क्या न्याय की उम्मीद बढ़ जाएगी?
प्रो. दिलीप मंडल ने बताया कि लोकतंत्र में कैसे काम करता है, जो लोकतंत्र में लोगों की भावना है उसको ध्यान में ही रखकर अभी भी बच्ची को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर हैं. उन्होंने कहा कि बच्ची उस वक्त अनाथ हुई जब मैन स्ट्रीम मीडिया ने उस मामले को छोड़ दिया था. लेकिन जिस तरह से बुहजन मीडिया ने, बहुजन लोगों और नेताओं ने इस मामले को पकड़ा हुआ है. हर आदमी की जान की बराबर कीमत है यह बात संविधान और कानून बोलता है, व्यवहार में हर जान की कीमत बराबर नहीं है क्योंकि निर्भया केस में एक मीडिया संस्थान को यह भ्रम हो गया था कि वह लड़की सर्वण हैं लेकिन यह बात बिलकुल सच नहीं है. जबतक इस बात का खुलासा हुआ तबतक काफी देर हो चुकी थी. हमारे देश में यह बहुत ही शर्मनाक है कि अब कास्ट, जगह, क्लास और दिल्ली में किस जगह की लड़की है यह बहुत की शर्मनाक है कि यह सब देखकर लोग सामने आते हैं.
यह मामला बहुत ही शर्मनाक है क्योंकि इसमें इस मामले का वजन ज्यादा है क्योंकि पहली बात को यह कि वह बच्ची है, उसके साथ जहां पर अपराध हुआ वह एक धार्मिक जगह, बच्ची के साथ जो हैवानियत हुई वो और सबसे आखिर में बच्ची की जाति इन सबको देखा जाए तो बच्ची का मामला ज्यादा गंभीर है. इन सबसे देखा जाता है कि लोगों की सोच क्या है समाज का असली जातिवादी चेहरा सामने आया.
हर घटना पर प्रोटेस्ट होना जरूरी है, लोगों की नाराजगी होना, राजनीतिक पार्टियों को साथ होना चाहिए, क्योंकि हर जान कीमती है. तो सरकार को यह समझना चाहिए कि अगर रोक नहीं लगायी तो लोग सड़कों पर उतरेंगे, लोगों की नाराजगी सामने आएगी तो यह नहीं होना चाहिए.  लोगों को जागरुक होने की अभी भी जरुरत है.

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