गुजरात: डीजल चोरी के आरोप में दलित इंजीनियर की पिटाई कर चमड़ी उधेड़ी

पुलिस से मिली जानकारी में सामने आया है कि पीड़ित युवक किसी कंपनी में सिविल इंजीनियर के पद पर तैनात था जो यहां चल रही कंस्ट्रक्शन साइट को देख रही थी। इस कंपनी के गोदाम से लगातार डीजल की चोरी हो रही थी जिसमें शंका के आधार पर इस कंपनी में काम करने वाले पदाधिकारियों ने युवक की पिटाई की।
दलित इंजीनियर की पिटाई के बाद अस्पताल में भर्ती पीड़ित
दलित इंजीनियर की पिटाई के बाद अस्पताल में भर्ती पीड़ित

बनासकांठा। गुजरात के बनासकांठा जिले में एक दलित इंजीनियर को डीजल चोरी के आरोप में बन्धक बनाकर पिटाई की गई। दलित युवक के शरीर का कोई ऐसा हिस्सा बाकी नहीं था जहां चोट के निशान नहीं थे। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 323, 324 और 325 सहित एट्रोसिटी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले को लेकर पुलिस सुपरिटेंडेंट अक्षय मकवाना ने सोशल मीडिया पर दिए जा रहे हैं, बयानों को लेकर सफाई देते हुए कहा है कि युवक की पिटाई डीजल चोरी को लेकर हुई है ना कि वह दलित है। हालांकि पुलिस पर इस मामले में कार्रवाई न करने के आरोप भी लग रहे हैं।

बनासकांठा जिले के पालनपुर शहर जीपी कंस्ट्रक्शन कंपनी है। इसी कम्पनी में पार्थ तूरी सिविल इंजीनियर पद पर काम करते हैं। पार्थ अनुसूचित जाति समाज के सदस्य हैं। पार्थ तूरी ने द मूकनायक प्रतिनिधि को बताया, "घटना 28 सितंबर की है। मेरे साथ काम करने धार्मिक चौधरी, विश्वदीप सचिन, आकाश चौधरी, विकास चौधरी, रमेश चौधरी और निकल चौधरी मेरे घर आये थे। उन्होंने मुझसे एक साथी के बर्थडे होने की बात कही। उन्होंने मुझे अपने साथ एक होटल में चलने की बात कही। मैं उनके साथ कार में बैठकर चला दिया। कुछ दूरी पर पहुंचकर एक पुल पर कार रोक दी। वह मुझपर साईट से डीजल चोरी करने का आरोप लगा रहे थे।"

पुलिस से मिली जानकारी में सामने आया है कि पीड़ित युवक किसी कंपनी में सिविल इंजीनियर के पद पर तैनात था जो यहां चल रही कंस्ट्रक्शन साइट को देख रही थी। इस कंपनी के गोदाम से लगातार डीजल की चोरी हो रही थी जिसमें शंका के आधार पर इस कंपनी में काम करने वाले पदाधिकारियों ने युवक की पिटाई की। आरोप है कि धार्मिक चौधरी, विश्वदीप सचिन, आकाश चौधरी और विकास चौधरी ने इस युवक को बर्थडे पार्टी में बुलाने के बहाने बुलाकर और कंस्ट्रक्शन साइट पर ले जाकर बेरहमी से पीटा। युवक का शरीर लहुलुहान हो गया।

जानकारी के मुताबिक युवक को इतना ज्यादा पीटा कि घटना के कई दिन बाद भी उसके शरीर पर पिटाई के निशान बने हुए हैं। आरोप है कि पीड़ित युवक द्वारा पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया लेकिन अब तक इस मामले में पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया है। पीड़ित इंजीनियर युवक दलित है। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस के नेता शक्ति सिंह गोहिल ने आज इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट किया तो पुलिस हरकत में आई।

पुलिस अधीक्षक पीड़ित युवक से मिलने अस्पताल पहुंचे और सख्त कार्यवाही का भरोसा दिया है पुलिस ने अलग-अलग टीम में बनाकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिश से तेज कर दी है। गोहिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि घटना बनासकांठा जिले के पालनपुर की है। जहां इंजीनियर पार्थ नाम के दलित युवक की आधा दर्जन युवकों ने पीटा। फिलहाल पीड़ित का पालनपुर के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। कांग्रेस पार्टी की अनुसूचित जाति विभाग की टीम लगातार उनके संपर्क में है। इस घटना को दो दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे गुजरात की बीजेपी सरकार और गुजरात पुलिस का दलितों के प्रति रवैया साफ पता चलता है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को टैग करके हुए लिखा है कि इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध है।

चश्मा और ब्रांडेड कपड़े पहनने पर हुई थी पिटाई

बनासकांठा के पालनपुर से यह पहला मामला नहीं है जब ऐसी घटना हुई है। जून 2023 में पालनपुर के मोटा गांव के रहने वाले जिगरभाई कनुभाई शेखालिया ने गांव के स्वर्ण जाति के लोगों पर ब्रांडेड चश्मा पहनने पर पीटने और कपड़े फाड़ने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपियों की पहचान धुरसिंह, चेहरसिंह राजपूत, भरत सिंह, खुमानसिंह राजपूत, सुरेश सिंह, रणजीत सिंह राजपूत, जयदीप सिंह, चमनसिंह राजपूत, भगवान सिंह, लक्ष्मण सिंह राजपूत, जगत सिंह लक्ष्मण सिंह राजपूत व प्रदीप सिंह धुरसिंह राजपूत के रूप में हुई है। शिकायत के अनुसार जिगरभाई अपने भाई भूपतभाई के साथ घर के बाहर बैठे थे, तभी धुरसिंह ने मंगलवार की सुबह जातिसूचक टिप्पणी कर उन्हें गाली दी। धुरसिंह ने कथित तौर पर बहुत ऊंची उड़ान भरने के लिए जिगरभाई को जान से मारने की धमकी भी दी। भूपतभाई द्वारा दोनों पक्षों को मनाने के बाद जिगरभाई काम पर चले गए। एफआईआर के अनुसार बाद में दिन में भरतसिंह, सुरेशसिंह, जयदीपसिंह, भगवानसिंह, जगतसिंह और प्रदीपसिंह ने जिगरभाई से संपर्क किया, जब वह काम से घर जा रहा था तब उन पर लाठियों से हमला किया। जैसे ही भूपतभाई और मां सीताबेन जिगरभाई को बचाने पहुंचीं तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। उनकी मां के कपड़े भी फाड़ दिए थे।

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