
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के एत्माउद्दौला में तैनात एक दलित प्रशिक्षु महिला दारोगा ने इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला दरोगा का आरोप है कि इंस्पेक्टर अश्लील हरकत करते हैं। रात में कमरे पर बुलाते हैं। महिला ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी सहित एसएसआई को सस्पेंड कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच एसीपी एत्मादपुर को सौंपी गई है।
दरअसल, पूरा मामला थाना एत्माद्दौला का है। थाना प्रभारी दुर्गेश कुमार मिश्र पर दलित प्रशिक्षु महिला दारोगा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला दरोगा ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा है कि जब से उसने थाने मेें आमद की है। तभी से थाना प्रभारी उस पर बदनीयत रखता है। होली के दिन उसे जबरन थाने में बैठाए रखा। फिर अचानक उसके पकड़ लिया और किस करने लगा। जब उसने विरोध किया तो धमकी दी कि अगर तूने किसे से कुछ भी बोला तो तेरी रपट लगा दूंगा। नई नौकरी है, छूट जाएगी। महिला दारोगा ने बर्दाश्त कर लिया, लेकिन इसके बाद भी थाना प्रभारी की अश्लील हरकतें बंद नहीं हुईं।
महिला दारोगा ने पुलिस कमिश्नर को पत्र में लिखा है-'थाना प्रभारी मुझे थाने में ही कमरा दिलाना चाहते थे, लेकिन मैंने थाने से बाहर कमरा ले लिया। इसके कारण उन्होंने मेरे खिलाफ रपट लिख दी। 9 जून को जब वह छुट्टी पर गई तो उसकी लोकेशन निकलवाई और उसे धमकाया।' महिला दरोगा का आरोप है कि थानेदार उसकी शादी नहीं होने देना चाहता है, उसे अपने साथ रखने के लिए दबाव बनाते है।"
महिला दारोगा ने कमिश्नर को लिखा है-"थाना प्रभारी ने मुझे 20 जून गुरुवार रात 12 बजे फोन करके कहा कि बहुत गर्मी है। मेरे कमरे में एसी लगा है। यहां आकर सो जाओ। जब मैंने थानेदार का प्रपोजल ठुकरा दिया तो मुझे थाने से हटाने और बदनाम करने की धमकी दी।' महिला दारोगा का कहना है कि थाना प्रभारी लगातार उसका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं, उसकी अनुसूचित जाति को लेकर भी गलत बोलते रहते हैं।"
महिला दारोगा की शिकायत को पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ ने गंभीरता से लिया है। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय का कहना है कि महिला दारोगा के आरोप बेहद गंभीर हैं। एसीपी एत्मादपुर सुकन्या शर्मा को मामले की जांच दी है। दो दिन में एसीपी जांच रिपोर्ट देंगी। दोषी को दंडित किया जाएगा।
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