सवर्णों की शादी में खाना छूने पर दलित युवक को पीट-पीटकर मारा

उत्तराखंड में खाना छूने पर दलित युवक को पिटकर मारा
उत्तराखंड में खाना छूने पर दलित युवक को पिटकर मारा
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उत्तराखंड। चम्पावत जिले में शादी के दौरान कथिततौर पर एक दलित को सवर्णों की शादी में अपने हाथों से खाना लेना इतना महंगा पड़ गया कि उसे अपनी जान गवानी पड़ी. दलित का अपने हाथों से खाना लेना बारात में शामिल सवर्णों को इतना अपमानजनक लगा की उन्होंने बेरहमी से उसकी पिटाई की. पिटाई के बाद युवक की हालत नाज़ुक थी, जिसे पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

क्या था पूरा मामला

मामला 28 नवम्बर का है, जानकारी के अनुसार चम्पावत जिले के देवीधुरा निवासी 45 वर्षीय रमेश राम की टेलर की दुकान थी। वह लगभग पिछले 30 साल से सिलाई का कार्य कर रहे थे, उनके परिवार में एक बड़ी बेटी, 2 छोटे बेटे भी थे जो अभी स्कूल में ही पढ़ाई करते हैं। रमेश अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाला व्यक्ति था, उनकी बेटी ने अभी कुछ समय पहले ही ग्रेजुएशन में एड्मिसन लिया था।

द मूकनायक से बात करते हुए मृतक रमेश राम की बेटी ने बताया कि, "उनकी पिता की मृत्यु के 2 दिन बाद यानी 30 नवंबर को उन्हें इस घटना की जानकारी मिली। उनका कहना है कि, पुलिस की तरफ से क्या कार्यवाही की गई है या किन लोगों की गिरफ्तारी की गई है इस बात की हमे कोई जानकारी नहीं है, अखबार के माध्यम से हमे केवल इतनी जानकारी मिली है कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।"

दूसरे दिन फोन पर मिली पिता के मौत की सूचना

रमेश राम के पुत्र संजय ने बताया कि उसके पिता दुकान मालिक के घर की बारात में 28 नवंबर की सुबह निमंत्रण में गए थे। शाम को जब उसने पिता के नंबर पर फोन किया तो किसी अन्य व्यक्ति ने काल रिसीव करते हुए पिता के शादी में व्यस्त होने की बात कहते हुए उनके अगले दिन आने को कहा। दूसरे दिन उसे किसी ने फोन के जरिये पिता के बेहोशी की हालत में होने की बात बताई।

किसी ने फ़ोन के माध्यम से बेटे को घटना की जानकारी दी व बेटे को बताया कि कुछ लोग उसके पिता रमेश को लोहाघाट के अस्पताल में छोड़कर चले गए। बाद में चिकित्‍सकों ने उसे हल्‍द्वानी के डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अब तक मामले में क्या हुआ!

मृतक के बेटे ने बताया कि उसके पिता के सिर, कमर, घुटना व कोहनी आदि में चोट के निशान हैं। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ FIR व अनुसूचित जाति व जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज करा दिया है।

घटना के बाद से ही राज्य अनुसूचित जाति आयोग भी सक्रिय हो गया है और साथ ही बारात में शामिल लोगों से पूछताछ शुरू कर दी गई हैं।

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