ज्योतिबा फुले जयंति विशेषः सोशल मीडिया पर अपने-अपने तरीकों से याद किए गए फुले

ज्योतिबा फुले जयंति विशेषः सोशल मीडिया पर अपने-अपने तरीकों से याद किए गए फुले
Published on

नई दिल्लीः 11 अप्रैल सन् 1827 को महाराष्ट्र में अत्यधिक पिछड़ी जाति में जन्मे ज्योतिबा फुले ने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ी और सबसे वंचित समुदायों के बीच शिक्षा का प्रचार करने का प्रयास किया। ज्योतिबा फुले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर महिलाओं के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए जाना जाता है। ज्योतिबा 19वीं सदी के एक बड़े समाज सुधारक और विचारक थे.

ज्योतिबा फुले को सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने-अपने तरीकों से याद किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा- महान समाजेवी को कोटि-कोटि नमन.

वहीं उर्मिला मांतोंडकर ने भी याद किया

आम आदमी पार्टी के महिला एंव बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने लिखा-

लोकतंत्रजीवी पूनम ने भी ज्योतिबाफुले को उनकी जयंती पर याद किया.

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक की मदद करें

‘द मूकनायक’ जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है. अगर आप भी चाहते हैं कि ‘द मूकनायक’ हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहे तो सपोर्ट करें.

यहां सपोर्ट करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com