
रिपोर्ट- राजेश सारथी
वर्धा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा महाराष्ट्र के छात्र संगठन आइसा (All India Students Association), सम्यक विद्यार्थी आन्दोलन (SVA), एआइएसएफ (All India Students' Federation) एवं विश्वविद्यालय के अन्य प्रगतिशील विद्यार्थियों ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोधार्थी रहे रोहित वेमुला को पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। रोहित को याद करते हुए विश्वविद्यालय के छात्रों ने 17 जनवरी को शहादत दिवस के रूप में मनाया।
कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर समता भवन स्थित बाबा साहब की प्रतिमा के सामने आयोजित हुआ। यहां दर्जनों छात्रों ने एकत्रित हो रोहित के तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वहीं रोहित के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला। हैदराबाद यूनिवर्सिटी प्रशासन और केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों पर रोहित वेमुला की सांस्थानिक हत्या के आरोपों पर प्रकाश डाला, और रोहित के आत्महत्या करने के पीछे के कारणों पर बात रखी।
वक्ताओं ने कहा कि, एक रोहित की हत्या नहीं हुई बल्कि उस जैसे कई और रोहित है जो संस्थानिक भेदभाव का शिकार होने के कारण आत्महत्या करने को विवश हो जाते हैं। विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रकार के भेदभाव जैसे जातीय, लैंगिक, आर्थिक, वर्गीय आदि जो की अदृश्य रूप में काम करते हैं, जिसका शिकार कोई भी छात्र-छात्रा हो सकता है, उससे सतर्क रह संघर्ष करने का प्रण सभी छात्रों ने लिया।
वहीं हिंदी विश्वविद्यालय में कुछ वर्षों से छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव व भेदभाव के शिकार छात्रों पर भी चर्चा की गई। हालिया घटना में स्त्री अध्ययन के शोधार्थी रजनीश कुमार आंबेडकर की पीएचडी शोध को जमा करने में हो रहे विश्वविद्यालय की तरफ से भेदभाव और राजेश कुमार यादव के प्रकरण में क़ानूनी कार्यवाही कर अपराधीकरण किए जाने के बाद शोधार्थियों के मानसिक, आर्थिक तौर पर परेशान किए जाने की घटना को सभी के समक्ष रखा गया। पूर्व में असंवैधानिक तरीके से विवेक मिश्रा, हर्ष पाण्डेय जैसे छात्रों के निलंबन पर सवाल उठाए गए।
परिसर में हो रहे वैचारिक, जातीय, लैंगिक भेदभाव पर प्रकाश डालते हुए छात्रों ने प्रण लिया कि विश्वविद्यालय में किसी भी प्रकार का भेदभाव होने पर सभी संगठित हो पुरजोर विरोध करेंगे। विश्वविद्यालय में एक बेहतर पठन-पाठन का माहौल बनाने में पूर्ण सहयोग करेंगे, जिससे विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को एक सुरक्षित माहौल मिल सके एवं छात्रों का बेहतर मानसिक विकास हो सके।
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